August 25, 2026

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छवि गौर प्रकृति ने तमाम जीवों को आत्मरक्षा के लिए प्राकृतिक हथियार उपलब्ध कराए हैं लेकिन संपूर्ण जगत में मनुष्य...

विवेक चतुर्वेदी फिर से तेरी बात चली है बारिश मेंपानी से क्यों आग लगी है बारिश में। इक वो दिन,...

विवेक चतुर्वेदी आज वो मेहरबान क्यूँ हैंऔर दिल हैरान क्यूँ है किससे बोलें रोएं किससेशहर यूँ अनजान क्यूँ है मकीं...

विवेक चतुर्वेदी किसी शहरे इलतिफ़ात में लेकर चलो मुझेवामान्दगॉं हूँ यार तुम लेकर चलो मुझे। इस शहर में क्या सारे...

अप्लाइड साइकोलॉजी चुनें:शानदार करियर बनावें                             प्रो नंद लाल मिश्र                             कैरियर काउंसलरअधिष्ठाता, कला संकाय, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय आज कार्य...

विवेक चतुर्वेदी आज मुंसिफ हैं निकलेंगे कल वे ही मुज़रिममुल्क बहुत रोएगा देखना कभी गाते गाते। जम्हूरियत जिस तरह बेबस...

विवेक चतुर्वेदी उधर गाजा में बच्चे मर रहे हैंमहज़ अखबार में हम पढ़ रहे हैं हाँ कत्लेआम है मग़र जायज़...

विवेक चतुर्वेदी …आएगा बड़ा दिन तोगिरजा जाएंगेशहर की छाती पे सलीब बनाएंगेपिता परमेश्वर को अपनी रोटी में बुलाएंगेशाम घर आया...