100 दिवस से ऊपर की एक भी शिकायत नहीं रहे लंबित-कलेक्टर
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मीटिंग में अनुपस्थित अधिकारियों को एसीआर वार्निंग सहित एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की
सतना – कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभाग प्रमुख अधिकारियों की बैठक लेकर सीएम हेल्पलाइन में 100 दिवस से ऊपर की लंबित शिकायतों की समीक्षा की। जिले में विभिन्न विभागों की 100 दिवस से ऊपर की लंबित कुल 2486 शिकायतें रहीे है। जिनमें 5 दिनों के भीतर 457 शिकायतों का ही निराकरण किया गया है। शेष 2029 शिकायतें अभी भी लंबित है। कलेक्टर ने विभागवार लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी विभाग में 100 दिवस से ऊपर की एक भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को एसीआर वार्निंग सहित एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश भी दिये।
कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की 100 दिवस से अधिक की शिकायतों की समीक्षा शासन स्तर पर की जा रही है। इतनी मात्रा में सीएम हेल्पलाइन की जिले में लंबित शिकायतों पर शासन स्तर से अप्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग प्रमुख अधिकारी आगामी दो-तीन दिनों के भीतर इन शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। सीएम हेल्पलाइन में सौ दिवस से ऊपर की कुल 2029 शिकायतें लंबित जिले में पाई गई है। जिनमें गृह विभाग में 447, राजस्व में 353, लोक स्वास्थ्य विभाग 348, खाद्य नागरिक आपूर्ति 168, महिला बाल विकास 143, पंचायत ग्रामीण विकास 112, सामान्य प्रशासन विभाग 104, उच्च शिक्षा 157, सहकारिता 54, पीएचई 51, स्कूल शिक्षा 44, विज्ञान प्रोद्योगिकी 26, नगरीय विकास एवं आवास 13, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व 15, निजी विद्यालय विनिमायक आयोग 11, श्रम विभाग 10, पिछडा वर्ग 7, नर्मदा घाटी विकास और परिवहन 6-6, अनुसूचित कल्याण 5, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और किसान कल्याण 4-4, सामाजिक न्याय और पशुपालन डेयरी विभाग, वन विभाग 3-3, पर्यटन विभाग, जल संसाधन, जनजातीय कार्य विभाग, जनसम्पर्क विभाग 2-2, विधि एवं विधायी कार्य, आपदा प्रबंधन, जेल और आयुष, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में 1-1 शिकायतें 100 दिवस से ऊपर की लंबित पाई गई है।
कलेक्टर ने दहाई अंकों में शिकायतों में लंबित विभागों से 3 दिवस के भीतर शिकायतों का निराकरण कर शून्य पर लाने और सभी विभागों को लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश दिये है। अधिक संख्या में लंबित शिकायतों वाले विभाग प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये है। जिनमें उप संचालक सामाजिक न्याय, आयुष विभाग, पीएचई, पर्यटन विभाग, पशुपालन विभाग, उप संचालक कृषि, सचिव कृषि उपज मंडी, जिला योजना अधिकारी, परिवहन विभाग, नर्मदा घाटी विकास विभाग शामिल है। मीटिंग में अनुपस्थित रहे विभाग के अधिकारियों को एसीआर में चेतावनी के साथ ही एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिये गये है।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
