March 26, 2026

पिंडरा में ‘पंचायत’ से पहले पुलिस एक्शन, किसान नेता नजरबंद

1 min read
पिंडरा में ‘पंचायत’ से पहले पुलिस एक्शन, किसान नेता नजरबंद
Spread the love

जौनपुर – सिकरारा ब्लॉक स्थित गुदरीगंज चौराहे के पास किसान नेता मीडिया से बातचीत की। पिंडरा में प्रस्तावित काशी द्वार परियोजना के खिलाफ किसानों की निर्णायक पंचायत से पहले गुरुवार तड़के प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया। सिकंदरा गांव में ठहरे किसान नेताओं को गाजीपुर और जौनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने उनके ठिकाने पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हलचल तेज हो गई है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। भोर में घेराबंदी, बाहर निकलने पर रोक ,ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे पुलिस टीम अचानक सिकंदरा गांव पहुंची और कम्युनिस्ट नेता ऊदल यादव के आवास को चारों ओर से घेर लिया। अंदर मौजूद सभी किसान नेताओं को बाहर निकलने से रोकते हुए साफ संदेश दिया गया कि उन्हें वाराणसी में प्रस्तावित पंचायत में शामिल होने की अनुमति नहीं है। कई बड़े चेहरे नजरबंद इस पंचायत का नेतृत्व कर रहे किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक राजेंद्र यादव समेत कई प्रमुख नेता मौके पर मौजूद थे। नजरबंद किए गए नेताओं में जनार्दन राम, राजदेव यादव, अजय मिश्रा (नौजवान सभा), ऊदल यादव, सत्यनारायण पटेल, कृष्णा नारायण तिवारी और कल्पनाथ गुप्ता शामिल हैं। सभी नेता पंचायत में भाग लेने के लिए एक दिन पहले ही सिकंदरा पहुंचे थे।
“लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” – किसान नेता
कार्रवाई के बाद राजेंद्र यादव ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के मूल अधिकारों का दमन है। उनका आरोप है कि सरकार भूमि अधिग्रहण के विरोध को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने दो टूक कहा— “किसान अपनी जमीन बचाने के लिए पीछे नहीं हटेंगे, चाहे इसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े।”
इलाके में बढ़ी हलचल, पुलिस चौकन्नी
पुलिस कार्रवाई के बाद पिंडरा और आसपास के गांवों में हलचल बढ़ गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ग्रामीणों और किसान समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है।जमीन अधिग्रहण पर टकराव
पिंडरा क्षेत्र में काशी द्वार परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसान लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में आज बड़ी पंचायत बुलाई गई थी, जिसे प्रशासन ने पहले ही निष्प्रभावी करने की कोशिश की।
आगे की रणनीति तय होगी
किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि अगले 15 दिनों के भीतर पूर्वांचल स्तर की बड़ी बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति बनाई जाएगी। फिलहाल हालात संवेदनशील, प्रशासन अलर्ट—किसान आंदोलन के तेवर और तेज होने के संकेत।

अमरजीत सिटी रिपोर्टर भारत विमर्श जौनपुर उत्तर प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed