June 10, 2026

समान नागरिक संहिता पर जिले में हुआ जनपरामर्श संवाद

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समान नागरिक संहिता पर जिले में हुआ जनपरामर्श संवाद
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सतना – मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) के संभावित क्रियान्वयन के संबंध में नागरिकों के सुझाव एवं विचार प्राप्त करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सतना में जन-परामर्श की बैठक आयोजित की गई। उच्च स्तरीय समिति के सदस्य अनूप नायर की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में सतना और मैहर जिले जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों, प्रबुद्ध नागरिकों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक के दौरान समान नागरिक संहिता के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें विवाह, विवाह विच्छेद एवं भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने अनुभवों, सुझावों और शंकाओं को खुलकर साझा किया तथा विषय के सामाजिक, कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर महत्वपूर्ण विचार रखे। प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि किसी भी नए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जन-जागरूकता आवश्यक है। साथ ही समाज के सभी वर्गों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी भावनाओं और अपेक्षाओं को समझना भी जरूरी है। कई वक्ताओं ने कानूनी प्रक्रियाओं को सरल एवं सुगम बनाने तथा आम नागरिकों तक सही जानकारी पहुंचाने पर विशेष बल दिया।

उच्च स्तरीय समिति के सदस्य अनूप नायर ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, समुदायों और हितधारकों के सुझाव एवं विचार प्राप्त कर एक समग्र एवं संतुलित दृष्टिकोण विकसित करना है। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद-44 में समान नागरिक संहिता का उल्लेख किया गया है तथा इसी संदर्भ में प्रदेशभर में जन- परामर्श की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस महत्वपूर्ण विषय पर अपने सुझाव एवं विचार अधिक से अधिक संख्या में साझा करें। बैठक में प्राप्त सुझावों को संकलित कर समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे भविष्य की कार्यवाही में जनभावनाओं और सामाजिक अपेक्षाओं का समुचित समावेश सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि वे अपने सुझाव एवं विचार ऑनलाइन माध्यम से भी दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए राज्य शासन द्वारा विकसित पोर्टल ucc.mp.gov.in पर उपलब्ध है, जहां आमजन अपनी राय प्रस्तुत कर सकते हैं। इस जनपरामर्श बैठक में प्रमुख रूप से प्रदेश शासन की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, महापौर सतना योगेश ताम्रकार, स्पीकर राजेश चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष सुस्मिता सिंह, जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेन्द्र सिंह, श्रीधर उरमलिया, हरीशकांत त्रिपाठी, एकता सिंह, बार कौसिंल के अध्यक्ष बद्री विशाल पाठक, विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि, नगर निगम के पार्षद, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
यह जन-परामर्श बैठक समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

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