May 25, 2026

ई-विकास पोर्टल से ही होगा खाद का वितरण

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ई-विकास पोर्टल से ही होगा खाद का वितरण
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सभी एसडीएम वितरण केन्द्रों का एक बार निरीक्षण कर लें-कलेक्टर
सतना – सोमवार को समय-सीमा प्रकरणों की सम्पन्न बैठक में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद का वितरण केवल ई-विकास पोर्टल के माध्यम से होगा। सभी तहसीलदार फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अतिशीघ्र पूरा कर लें। समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, राहुल सिलाडिया, सुमेश द्विवेदी, जीतेन्द्र वर्मा, एलआर जांगडे, डिप्टी कलेक्टर संदीप परस्ते सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
जनगणना कार्य की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के प्रथम चरण मकानों की सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य सभी एचएलबी में आगामी 2-3 दिनों में पूरा कर ले। चार्ज अधिकारीवार शेष एचएलबी की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित समयावधि के पश्चात किसी भी चार्ज में कोई भी एचएलबी गणना कार्य से छूटना नहीं चाहिए। सतना-पन्ना रेल खण्ड के कार्यों की समीक्षा में रेल्वे के अधिकारियों ने बताया कि सतना से नागौद तक रेल परिचालन की टेस्टिंग पूरी कर ली गई है। सतना-रीवा रेललाइन दोहरीकरण का कार्य बिना किसी अवरोध के प्रगति पर है। सतना एयरपोर्ट की समीक्षा में सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया ने बताया कि एयरपोर्ट की अतिक्रमण मुक्त 12 एकड जमीन एयरपोर्ट अथारिटी को हैण्डओव्हर कर दी गई है। रेड कलर पैच के अतिक्रमकों को एयरपोर्ट अथारिटी द्वारा नोटिस जारी किये जा रहे हैं। अथारिटी द्वारा इस कार्यवाही में सहयोग चाहे जाने पर राजस्व का अमला तत्परतापूर्वक सहयोग करेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग और एमपीआरडीसी के कार्यो की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि चित्रकूट के हनुमान धारा मार्ग के शेष रहे सडक पैच के लिए एसडीएम के साथ संयुक्त निरीक्षण कर कार्यवाही करे। नगर पंचायत कोठी के अतिक्रमण हटाने के लिए जिला स्तर से सीएमओ द्वारा सीधे पुलिस बल की मांग करने पर कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित एसओपी का पालन करे। सीएमओ बल की आवश्यकता होने पर एसडीएम के संज्ञान में लाये और एसडीएम तथा एसडीओपी मौका स्थल का भ्रमण कर संवेदनशीलता के हर पहलु पर ध्यान दें। उसके बाद आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्यवाही स्थानीय तौर पर करने के बाद ही एसडीएम जिला स्तर से आवश्यकतानुसार बेल की डिमाण्ड करेंगे।
खाद की पर्याप्त उपलब्धता
समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि आगामी सीजन में उर्वरकों का वितरण केवल ई-विकास पोर्टल से ही किया जायेगा। सभी एसडीएम एक बार वितरण केन्द्रों का निरीक्षण कर पिछली बार की खपत इस बार वितरण की मात्रा और उपलब्धता का परीक्षण कर ले। किसी खाद वितरक या समिति द्वारा ई-विकास पोर्टल से अलग खाद का विक्रय करता है तो उसके खिलाफ कडी कार्यवाही प्रस्तावित करें। कलेक्टर ने कहा जिले में रैक आने पर खाद का वितरण 70 प्रतिशत शासकीय (मार्कफेड और समिति) तथा 30 प्रतिशत निजी विक्रेताओं के मानदण्ड का पालन करें।
उप संचालक कृषि कल्याण आशीष पाण्डेय ने बताया कि जिले में आज ही डेढ हजार मीट्रिक टन की एक रैक आई है। जिले में वर्तमान में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। जिले में किसानों की आवश्यकता 60 हजार 642 मीट्रिक टन उर्वरक के विरूद्ध 26 हजार 133 मेट्रिक टन उर्वरक भण्डारित है। जिसमें 3456 मे. टन का वितरण हुआ है और 22 हजार 678 मे. टन उर्वरक अभी उपलब्ध है। जिसमें मार्कफेड में 11482 मे. टन, समितियों में 3528 मे. टन, एमपी एग्रो में 180 मे. टन और निजी क्षेत्रों में 7346 मे. टन उर्वरक उपलब्ध है।


मानसून पूर्व की तैयारियां शुरू करें
समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में मानूसन के दौरान की जाने वाली तैयारियां शुरू करें। नगरीय क्षेत्र और सघन ग्रामीण क्षेत्रों में नाला-नाली सफाई, जल जमाव की स्थिति और राहत-बचाव बरसात के दौरान होने वाली जल जन्य बीमारियों के उपचार और दवाओं का प्रबंध तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल स्त्रोतों, हैण्डपंपों का क्लोरीनेशन आदि की कार्यवाहियां समय रहते पूरी कर ले। उन्होंने पर्यटन की दृष्टि से जलाशयों एवं चित्रकूट के मंदाकिनी नदी में नौका संचालन में सुरक्षा के सभी मानदण्डों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चित्रकूट की मंदाकिनी में नावियों को सेसेटाइज कर उन्हें लाइफ जैकेट के प्रयोग निर्धारित दरों की सूची और यात्री क्षमता की सूची प्रदर्शित करने जागरूक करें। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री बिठाने, मनमाना किराया लेने तथा सुरक्षा मानदण्डों का पालन नहीं करने पर जुर्माने की कार्यवाही करें। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में जलाशयों और नदी में राहत आपदा बचाव के लिए गोताखोरों की सूची भी रखने के निर्देश दिये। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कीटनाशक दवाओं के प्रभाव वाली सब्जियों एवं फलों तथा प्रदूषित फल, सब्जियों की जांच और विक्रय के रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाहियां करने के निर्देश दिये हैं।

भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।

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