July 30, 2026

रामनगर में नकली उर्वरक पैकिंग मामले में कार्रवाई, उर्वरक विक्रेता पर FIR दर्ज

1 min read
रामनगर में नकली उर्वरक पैकिंग मामले में कार्रवाई, उर्वरक विक्रेता पर FIR दर्ज
Spread the love

सतना – जिले में नकली उर्वरक के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। 16 मई 2026 को मैहर जिले के रामनगर स्थित मे. केशरवानी ट्रेडर्स, सतना रोड में नकली उर्वरक की पैकिंग की शिकायत सामने आने पर जांच की गई। कलेक्टर मैहर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी के निर्देशन एवं उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीम ने राजस्व और पुलिस विभाग के सहयोग से मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच टीम में उर्वरक निरीक्षक अमित पाण्डेय एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संजय सिंह शामिल रहे।
जांच के दौरान प्रतिष्ठान के प्रोप्राइटर प्रिन्स गुप्ता मौके पर उपस्थित नहीं मिले। निरीक्षण में पाया गया कि दुकान में मृदा कल्प LUSH पोटाश डेराइव्स के 8 भरे बैग बिना सिलाई के रखे थे, साथ ही लगभग 20 बैग17 का खुला ढेर भी मौजूद था। इसके अलावा भारत डीएपी (HURL) के 8 खाली बैग और भारत एनपीके 20:20:0:13 (PPL) के 12 खाली बैग भी पाए गए।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि केशरवानी ट्रेडर्स की उर्वरक अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) की वैधता समाप्त हो चुकी थी, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रिन्स गुप्ता के खिलाफ थाना रामनगर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इस मामले पर किसानों से अपील की गई है कि वे केवल ई-विकास पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कराकर ही अपनी आवश्यकता अनुसार उर्वरक प्राप्त करें और बिना ई-विकास प्रणाली के उर्वरक खरीदने से बचें।
प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे ई-विकास प्रणाली के नियमों का पालन करते हुए ही उर्वरक का विक्रय करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई नकली उर्वरकों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती और किसानों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed