April 24, 2026

कुपोषण से किरकिरी के बाद जागा अमला, सुरांगी, कामता और चित्रकूट में दी दस्तक

1 min read
कुपोषण से किरकिरी के बाद जागा अमला, सुरांगी, कामता और चित्रकूट में दी दस्तक
Spread the love

चित्रकूट – जिले के मझगवां विकासखंड अंतर्गत सुरांगी गांव में 4 माह की बच्ची सुप्रांशी की कुपोषण से हुई मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। लगातार हो रही आलोचना के बीच स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे गांव में घर-घर पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने कई घरों में जाकर बच्चों की स्थिति का आकलन किया और अभिभावकों को कुपोषण से बचाव के उपायों की जानकारी दी। हालांकि समझाइश के बावजूद कुछ परिजन अपने बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) ले जाने के लिए तैयार नहीं हुए, जिससे अधिकारियों की चिंता और बढ़ गई है। इस संयुक्त टीम में बीएमओ डॉ. रूपेश सोनी, सीएचओ पुष्पेंद्र गुप्ता, सेक्टर सुपरवाइजर के.सी. सिंह, एमपीडब्ल्यू अनिल त्रिपाठी, एएनएम विद्या चक्रवर्ती के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर करुणा पांडेय एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा पांडेय शामिल रहीं।
इन बच्चों को ले जाया जाना है एनआरसी
टीम ने निजमा-राजेन्द्र के पुत्र प्रांशु (उम्र 1 वर्ष), सूर्यांश (2 साल) उमा-सरोज वर्मा वार्ड 03 के बेटे सूर्यांश (2 वर्ष), एवं हरिजन बस्ती कामता चित्रकूट के मुकेश-सावित्री प्रजापति की पुत्री मोहिनी वार्ड 07 चित्रकूट को एनआरसी में भर्ती कराने के लिए चिन्हित किया। इसके बाद सूर्यांश के परिजन मान गए जबकि दो बच्चों के परिजन एनआरसी सेंटर जाने को तैयार नहीं हुए। बीएमओ ने सूर्यांश को। मझगवां स्थित एनआरसी सेंटर में भर्ती करा दिया है।

प्रशासन का कहना है कि कुपोषण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरतमंद बच्चों को तत्काल उपचार के लिए एनआरसी भेजने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गांव में जागरूकता अभियान भी तेज किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। हालांकि तमाम अभिभावकों के द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है।

जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *