June 8, 2026

बाढ प्रभावित सडकों के रपटों पर वार्निंग साइन बोर्ड और रस्सी लगाये-कलेक्टर

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बाढ प्रभावित सडकों के रपटों पर वार्निंग साइन बोर्ड और रस्सी लगाये-कलेक्टर
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आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ नियंत्रण संबंधी बैठक संपन्न

सतना – कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिले में आगामी वर्षा काल में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से उत्पन्न स्थितियों में राहत और बचाव संबंधी सभी तैयारियां मानसून के पूर्व तक सुनिश्चित कर लेने के निर्देश दिये हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ राहत एवं बचाव संबंधी तैयारियों की बैठक में समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों एवं निचले स्थानों के संभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव की पूरी तैयारी रखें। बैठक में आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एडिशनल एसपी शिवेश सिंह, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, राहुल सिलाडिया, एलआर जांगडे, सुभाष मिश्रा, जितेंद्र वर्मा, सुमेश द्विवेदी सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने तहसील स्तर के सभी वर्षा मापी केन्द्रों का निरीक्षण/जांच करने के निर्देश एवं जिन केन्द्रों के वर्षा मापी यंत्र खराब है। उन केन्द्रों पर नये वर्षा मापी केन्द्र लगाने के निर्देश एसडीएम को दिये। साथ ही वर्षा मापी केन्द्रों में कार्यरत कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये। बाढ प्रभावित ग्रामों का जोखिम निर्धारण, पुल-पुलिया, रपटों की जानकारी तैयार करने तथा ग्राम पंचायतों की बाढ प्रभावित सडकों के रपटों पर वार्निंग साइन बोर्ड, रस्सी लगाने तथा वार्निंग जारी करने एवं ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों की डयूटी लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। वर्षा पूर्व सभी नालों की साफ-सफाई कराने, संवेदनशील क्षेत्रों का सतत निरीक्षण कर चिन्हिंत करने, अतिक्रमण हटाने एवं पानी की निकासी हेतु अतिक्रमण को तुरंत हटाने जनपद पंचायत के सीईओ तथा नगरीय निकाय के सीएमओ को इस संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी से अवगत कराने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कहा कि जिला एवं तहसील स्तर पर बाढ नियंत्रण केन्द्र स्थापित कर कर्मचारियों की डयूटी लगायें। तहसील स्तर पर भी बैठक लेकर तैयारी एवं व्यवस्था संबंधी कार्य एसडीएम, सीईओ तथा पुलिस अधिकारी सुनिश्चित करें। जीर्ण-शीर्ण भवनों को गिराने, खाली कराने की कार्यवाही शुरू करें। जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण कर जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवनों को चिन्हित कर जानकारी देना सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने कहा कि अतिवर्षा एवं बाढ की स्थिति के दौरान सभी एसडीएम, तहसीलदार और सीईओ जनपद पंचायत त्वरित राहत बचाव की दृष्टि से अपनी-अपनी गाडियों में रस्सा, बडी टार्च, लाइफ जैकेट और लाउड हेलर जैसी आवश्यक सामग्री हमेशा रखे। जिले के जनपद पंचायत के सीईओ और नगरीय निकाय के सीएमओ से जल-जमाव से प्रभावित होने वाले इलाकों की सूची मंगाए और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावितों को कहां शिफ्ट किया जाएगा, उन स्कूल, पंचायत अन्य भवनों की सूची भी मंगाए। कलेक्टर ने लोक निर्माण और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को पुल-पुलिया पर पानी की स्थिति में बैरियर एवं सूचना पटल लगाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय एक सप्ताह के अंदर नाले और नालियों की सफाई का कार्य पूर्ण कर लें, ताकि जल-जमाव नहीं हो। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को बड़े बांधों के जल स्तर पर निगाह रखने और बरसात में क्षतिग्रस्त हो सकने वाले बांधों की मरम्मत के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बस्तियों में आबादी के नजदीक के तालाबों को भी सूचीबद्ध करके रखें। जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी अभी से 24 घंटे कार्यरत रखने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये हैं। कलेक्टर ने बैठक में जिला होमगार्ड और तहसील स्तर पर उपलब्ध उपकरण एवं संसाधनों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि सभी बचाव उपकरण को चालू हालत में रखें और स्थानीय गोताखोर या तैराकों की लिस्ट भी बनाए।
कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव के लिए सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान आवश्यक है। इसके लिए व्हाट्सएप् ग्रुप बनाये। बाढ़ की स्थिति होने पर राहत शिविर लगाने के स्थान का चयन से लेकर बचाव दल, राहत उपकरण, दवाओं, खाद्य सामग्री की आपूर्ति तथा बिजली, पानी की व्यवस्था से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण करें। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पेयजल के उपयोग वाले कुओं का जल शुद्धिकरण कराये। जिला कमान्डेन्ट होमगार्ड सुनीत मिश्र ने बताया कि जिले में बाढ़ से बचाव के पर्याप्त संसाधन मौजूद है। उन्होंने बाढ नियंत्रण के संबंध में बिन्दुवार तथा विभागवार जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्षा काल में होमगार्ड की एसडीआरएफ बचाव टीम जिला मुख्यालय में तैनात रहेगी। इसी तरह क्यूआरटी की दो टीमें सतना और एक टीम चित्रकूट में लगाई जायेगी। इसके अलावा तीन डीआरसी की टीम जिले के थाना नाागौद, सिंहपुर और बिरसिंहपुर पर तैनात की जायेगी।

भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।

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