कामतानाथ द्वितीय मुखारबिंद के सामने अधूरा पड़ा गेट, खुले नाले बने हादसे का खतरा
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दीपावली मेले से पहले व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा दांव पर
चित्रकूट – भगवान श्रीराम की धर्मनगरी चित्रकूट में दीपावली मेले में अब महज दो दिन शेष रह गए हैं। मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु भगवान कामतानाथ की परिक्रमा और दर्शन करने के लिए पहुंचेंगे, लेकिन व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदार विभागों की लापरवाही सामने आ रही है।
कामतानाथ द्वितीय मुखारबिंद के सामने पहुंचने वाले मार्ग के किनारे नालियां खुली पड़ी हैं। दीपावली मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस मार्ग से गुजरती है। ऐसे में खुली नालियां किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। खासकर रात के समय अंधेरे और भीड़ के बीच श्रद्धालुओं के नालियों में गिरने का खतरा बना हुआ है।
वहीं, द्वितीय मुखारबिंद के सामने बनाया जा रहा गेट भी अब तक अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से मेले की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस मार्ग से देशभर के श्रद्धालु गुजरेंगे, वहां अधूरा गेट व्यवस्थाओं की पोल खोल रहा है।

अब सवाल यह है कि जब दीपावली मेले की तारीख पहले से निर्धारित थी, तो निर्माण कार्य समय रहते पूरा क्यों नहीं कराया गया? शासन-प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेते हुए खुली नालियों को ढकवाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
