चित्रकूट पांच दिवसीय दीपावली मेले के चंद दिन शेष, व्यवस्थाएं अब भी सुस्त
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सड़कों पर मिट्टी के ढेर, खुले नाले और गड्ढे बढ़ा रहे हादसों का खतरा; सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
चित्रकूट – धर्मनगरी चित्रकूट में दीपावली मेले के आयोजन में अब कुछ ही दिन शेष हैं। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, लेकिन दूसरी ओर नगर में चल रहे विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की सुस्त रफ्तार चिंता बढ़ा रही है। जगह-जगह सड़कों पर मिट्टी के ढेर, खुदी हुई गहरी नालियां और सड़कों में बने गड्ढे श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
हाल ही में पीली कोठी-सीतापुर मार्ग पर खोदी गई नाली में एक बच्चे के गिरने से गंभीर चोटें आने की घटना सामने आई थी। इस घटना ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते खुली नालियों को सुरक्षित नहीं किया गया, तो दीपावली मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
वहीं, कामतानाथ से रजौला बाईपास मार्ग पर मिट्टी डालने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन सड़कों पर जगह-जगह मौजूद गड्ढे और परिक्रमा पथ का अधूरा कार्य श्रद्धालुओं के लिए अब भी आवागमन में बाधा बने हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि दीपावली मेले से पहले सड़कों की मरम्मत और अन्य जरूरी कार्य पूरे हो पाएंगे या नहीं।
सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
नगर परिषद की सफाई व्यवस्था भी चिंता का विषय बनी हुई है। शहर में कई स्थानों पर सड़क किनारे कचरा डंप किया जा रहा है। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने के लिए कहीं भी डस्टबिन दिखाई नहीं देने से गंदगी की समस्या बनी हुई है। आखिर नगर परिषद की डस्टबिन गई कहां? तो वहीं एकत्रित कचरे के आसपास आवारा पशुओं का जमावड़ा भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकता है।
दीपावली मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन और नगर परिषद के सामने सड़क मरम्मत, खुली नालियों को सुरक्षित करने, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम करने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग मेले से पहले इन समस्याओं का समाधान कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध करा पाते हैं या फिर अव्यवस्थाओं के बीच ही दीपावली मेले का आयोजन होगा।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
