सीएम हेल्पलाइन की 50 दिवस से ऊपर की शिकायतों पर करें फोकस
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100 दिवस से अधिक और नाट-अटेण्ड नहीं रहनी चाहिए शिकायतें
सतना – कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में सभी विभाग प्रमुख अधिकारी 50 दिवस से ऊपर की शिकायतों पर फोकस करें। किसी भी विभाग में 100 दिवस तक अनावश्यक रूप से शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए और ना ही किसी स्तर पर कोई शिकायत नाट-अटेण्ड होनी चाहिए। सोमवार को कलेक्टर ने समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में सीएम हेल्पलाइन के 100 दिवस से ऊपर के लंबित प्रकरणों में विभागवार समीक्षा की। इस मौके पर आयुक्त नगर निगम डॉ. नागार्जुन बी गौडा, सीईओ जिला पंचायत सपना त्रिपाठी, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम राहुल सिलाडिया, डिप्टी कलेक्टर जितेंद्र वर्मा, संदीप परस्ते सहित जिला विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सोमवार को बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण, रेलवे के समन्वय के मुद्दों पर भी समीक्षा की। एनएचपीडब्ल्यूडी द्वारा रीवा-सतना सड़क पर रोड रेस्टोरेशन मरम्मत का कार्य अभी तक नहीं प्रारंभ किए जाने पर संबंधित विभाग प्रमुख को पत्र लिखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सतना-चित्रकूट मार्ग पर सड़क मरम्मतीकरण का कार्य कोठी बाईपास में अब तक प्रारंभ नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए की दीपावली मेला के पहले संपूर्ण सड़क दुरुस्त हो जानी चाहिए। इसके लिए कोठी बायपास, मझगवां बायपास और घाट एरिया में कुल तीन टीमें अलग-अलग लगाएं। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और आतिशबाजी पटाखा दुकानों के संबंध में भी कलेक्टर ने तत्काल कार्यवाहियां शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में नारायण तालाब के पास आतिशबाजी पटाखा की दुकान लगाई जाएगी। स्थल का निरीक्षण और आवश्यक तैयारियां अभी से शुरू करें। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट के पीछे और नारायण तालाब के पास दशहरा पर होने वाले रावण दहन के लिए भी सुरक्षात्मक आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करें।
सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि ग्रेडिंग के लिए अभी 8 दिन का समय है। आधिकाधिक शिकायतों का संतुष्टि पूर्ण निराकरण करें तथा जो शिकायतें विधिवत रूप से संतुष्टि पूर्ण बंद नहीं की जा सकती। उसके लिए सकारण टिप्पणी के साथ क्लोजर के लिए प्रस्तावित कराएं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग प्रमुख अपनी 50 दिवस की शिकायतों पर फोकस कर निराकरण करें ताकि 100 दिवस तक लंबित नहीं रहे। भुगतान संबंधी शिकायतों के क्लोजर प्रस्ताव में आवेदक को भुगतान प्राप्त होने की पुष्टि भी की जानी चाहिए। ऊर्जा विभाग के बररहना वितरण केंद्र में अधिक संख्या में शिकायतों के लंबित रहने पर संबंधित जेई को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सहकारिता विभाग में निराकरण उचित नहीं होने पर संबंधित को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
