सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
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सतना – सीएम हेल्पलाइन की 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस. ने विभिन्न विभागों के सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा आगामी समीक्षा के पूर्व सभी लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जारी नोटिस के अनुसार 12 अक्टूबर 2026 को सीएम हेल्पलाइन समूह-ए की जिला स्तरीय समीक्षा के दौरान 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निराकरण की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। समीक्षा में सामने आया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है, जिससे विभागीय रैंकिंग एवं जिले की ग्रेडिंग प्रभावित हो रही है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा की जाती है। इसके अलावा प्रमुख सचिव स्तर पर भी निरंतर समीक्षा की जा रही है। इसके बावजूद शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण नहीं होना गंभीर लापरवाही माना गया है। समीक्षा बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर भी संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में कार्यपालन यंत्री नर्मदा घाटी विकास विभाग के जागृत भगत, सहायक यंत्री आर.पी. पाण्डेय, पीजी कॉलेज सतना के उच्च शिक्षा विभाग के सीएम हेल्पलाइन प्रभारी मनोज कुमार सिन्हा, सहकारिता विभाग के डीआरसीएस एवं डीएमसीसीबी, कृषि उपज मंडी के सचिव तथा मध्यप्रदेश बीज एवं फार्म विकास विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि इस लापरवाही पर क्यों ना 7 दिवस का वेतन काटते हुए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की जाये। जारी नोटिस में निर्देशित किया गया है कि सभी संबंधित अधिकारी तीन दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें तथा आगामी समीक्षा के पूर्व 100 दिवस से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
