चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच होगा चित्रकूट का दीपावली मेला
1 min read
आवश्यक व्यवस्थाओं के लिये कलेक्टर ने ली बैठक
सतना – चित्रकूट में आगामी दीपावली मेला 6 नवम्बर से 10 नवम्बर तक आयोजित होगा। अमावस्या मेला के दौरान चित्रकूट में देश-देशांतर से आने वाले श्रद्धालु तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं एवं आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में सोमवार को कलेक्ट्रेट सतना के सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मेले की तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को जिम्मेदारी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, सीईओ जिला पंचायत सपना त्रिपाठी, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम मझगवां महिपाल सिंह गुर्जर, आरटीओ रवि बरेलिया, तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया, पीएचई श्वेतांक चौरसिया, सीएमओ अंकित सोनी, सीईओ जनपद सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
चित्रकूट अमावस्या मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश, पेयजल, आश्रय स्थल सहित आवागमन के मार्गों सहित भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रॉप गेट एवं बैरिकेटिंग की व्यवस्था दुरुस्त रखें। राजस्व विभाग आश्रय स्थलों का चिन्हांकन करें एवं चित्रकूट के दार्शनिक केंद्र आवागमन, सुविधाओं को प्रदर्शित करने वाली मैप होर्डिंग भी लगवाए। नगर परिषद चित्रकूट साफ-सफाई, पेयजल, आंतरिक सड़कों की मरम्मत, कंट्रोल रुम, खोया-पाया केंद्र आदि की व्यवस्था करें।
कलेक्टर ने कहा कि मेले के दौरान संपूर्ण पेयजल व्यवस्था के लिए ’लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग’ और नगर परिषद को जिम्मेदारी दी गई है। विद्युत कंपनी के अधिकारी पूरे नगर परिषद क्षेत्र का भ्रमण कर लाइन और ट्रांसफार्मर चेक कर लें। कहीं भी विद्युत दुर्घटना की संभावना नहीं रहनी चाहिए। मेले के दौरान चित्रकूट क्षेत्र में सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। बैरिकेटिंग के लिए बांस बल्ली और अलावा लकड़ी की व्यवस्था ’वन विभाग’ करेगा। बैरिकेटिंग और लोक निर्माण की सड़कों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी ’लोक निर्माण विभाग’ की होगी। ’खाद्य विभाग’ और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से कलेक्टर ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र की दुकानों में राशन वितरण, होटलों में खान-पान की वस्तुओं की सैंपलिंग के अलावा खाने-पीने की वस्तुओं की रेट सूची प्रतिष्ठान में प्रदर्शित कराएं और खाद्य पदार्थों की बिक्री तय कीमत पर सुनिश्चित कराएं। कलेक्टर ने कहा कि परिक्रमा पथ में सभी बिजली की तारे और सप्लाई कनेक्शन अंडर ग्राउण्ड कर दी गई है। भरत घाट से गौरिहार मंदिर से प्रमुख द्वार तक बिजली के तारों और खंभों को 10 फीट ऊंचाई तक प्लास्टिक पीबीसी पाइप से कवर कराये। कलेक्टर ने परिक्रमा पथ और घाटों पर फ्लोरिंग का कार्य 20 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिये है। उन्होंने ब्रिज कारपोरेशन को नयागांव रोड के क्षतिग्रस्त पुल को सुरक्षित करने मजबूत बैरिकेटिंग या दीवाल खडी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने मंदाकिनी में जल स्तर को देखते हुए अतिरिक्त एनडीआरएफ या एसडीआरएफ की टीम बुलाने तथा होमगार्ड को 8 अक्टूबर को मंदाकिनी नदी तट पर तैयारियों का माकड्रिल भी कराने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने कहा कि संपूर्ण मेला क्षेत्र में प्रकाश की समुचित व्यवस्था रहे। नदी के घाटों में पर्याप्त गोताखोर और बचाव सामग्री के साथ होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीम भी तैनात रहेंगी। नाविकों से भी कहा गया है कि नाव में क्षमता से अधिक सवारी नहीं बैठायें। एसडीएम मझगवां महिपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि चित्रकूट दीपावली मेले के लिए 13 पार्किंग स्थल बनाये जायेंगे। लगभग 145 एकड की पार्किंग में पेयजल टैंकर, शामियाना, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य स्टाफ की डयूटी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की 8 टीमें तैनात की जायेगी। आटो रिक्शा एवं अन्य वाहनों को पास तथा कलर कोड पास दिये जायेंगे। मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 50 पानी के टैंकर और 12 फायर ब्रिगेड तैनात किये जायेंगे।
कलेक्टर ने दीपावली मेले के दौरान और उससे पूर्व सभी पेयजल स्त्रोतों का जल परीक्षण और शुद्धिकरण तथा क्लोरीनेशन सतत रूप से कराने के निर्देश भी दिए हैं। होटल एवं रेस्टोरेंट के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि मेला के दौरान असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। मेला जोन के निर्धारित स्थलों पर निःशुल्क चिकित्सा केंद्र तथा प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था भी रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि दीपावली मेले में कार्यरत विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं संबंधित जन डयूटी मानकर नहीं बल्कि सेवा भाव से अपना कर्तव्य निभायें। मेले के दौरान समर्पित भावना से काम करे ताकि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुजन चित्रकूट से अच्छी स्मृतियां लेकर लौटे।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
