August 10, 2026

समुदाय तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र सेवाएं पहुंचाने के लिए चार दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

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समुदाय तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र सेवाएं पहुंचाने के लिए चार दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ
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चित्रकूट- परम पूज्य संत रणछोड़ दास महाराज द्वारा स्थापित विश्व ख्याति प्राप्त सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय, जानकीकुंड, चित्रकूट में गुरु पूजन के साथ “विजन सेंटर प्रबंधन एवं परियोजना क्रियान्वयन” विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ। साथ ही देश के कोने कोने से कार्यशाला में प्रतिभाग करने आए सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर स्व पद्मश्री डॉ बी के जैन को श्रद्धांजलि अर्पित किया। आपको बता दे कि यह कार्यशाला 10 से 13 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है। कार्यशाला को ऑर्बिस इंटरनेशनल का सहयोग प्राप्त है तथा इसका आयोजन सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय द्वारा किया जा रहा है।
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के निदेशक एवं कार्यकारी न्यासी डॉ. इलेश जैन ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों एवं सहयोगी संस्थाओं का स्वागत करते हुए समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ नेत्र सेवाएं पहुंचाने में विजन सेंटरों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ऑर्बिस इंटरनेशनल के कंट्री डायरेक्टर डॉ. ऋषि राज बोराह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने समुदाय के स्तर पर विजन सेंटरों की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विजन सेंटर समुदाय और उच्च स्तरीय नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने विजन सेंटरों के माध्यम से समय पर दृष्टि जांच, उचित उपचार, रेफरल एवं फॉलो-अप सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विजन सेंटरों की योजना एवं स्थापना, आवश्यकता का आकलन, आधारभूत संरचना, मानव संसाधन नियोजन, सेवा गुणवत्ता, सामुदायिक सहभागिता, प्रभावी रेफरल प्रणाली तथा परियोजना क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं को बेहतर बनाना है।
कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों से आए परियोजना प्रबंधकों, आउटरीच समन्वयकों, विजन सेंटर प्रभारियों एवं नेत्र स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रतिनिधियों द्वारा सहभागिता की जा रही है। प्रतिभागियों को विजन सेंटर प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी एवं अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान नीड असेसमेंट, विजन सेंटर के लिए उपयुक्त स्थान का चयन, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं उपकरण नियोजन, मानव संसाधन प्रबंधन, सामुदायिक जुड़ाव, स्क्रीनिंग एवं रेफरल प्रक्रिया, MIS एवं डेटा प्रबंधन, सेवा गुणवत्ता तथा टेली-ऑप्थल्मोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
कार्यशाला में व्याख्यान के साथ-साथ समूह अभ्यास, केस स्टडी, केस डिस्कशन, समस्या समाधान एवं अनुभव साझा करने जैसी सहभागी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को अपने-अपने विजन सेंटरों एवं परियोजनाओं से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों पर चर्चा करने और व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि विजन सेंटर केवल प्राथमिक नेत्र जांच का केंद्र न होकर समुदाय और बेस अस्पताल के बीच एक प्रभावी संपर्क एवं रेफरल केंद्र के रूप में कार्य करें। इसके माध्यम से मरीजों को समय पर जांच, उपचार, चश्मा एवं आवश्यकता के अनुसार उच्च स्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा जा सके।
श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट एवं सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय लंबे समय से ग्रामीण एवं वंचित समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। 130 से अधिक विजन सेंटरों के माध्यम से समुदाय के निकट नेत्र सेवाओं को उपलब्ध कराने के साथ-साथ मरीजों के लिए समयबद्ध रेफरल एवं उपचार की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

ऑर्बिस इंटरनेशनल के सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला विभिन्न संस्थाओं एवं नेत्र स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच ज्ञान, अनुभव एवं बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है। इसका उद्देश्य विजन सेंटर सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी, टिकाऊ, समुदाय-केंद्रित एवं मरीज-अनुकूल बनाना है।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों द्वारा प्रमुख सीख एवं अनुभव साझा किए जाएंगे तथा विजन सेंटर सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।

जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।

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