June 18, 2026

2 लाख 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ली जायेगी खरीफ की फसल

1 min read
2 लाख 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ली जायेगी खरीफ की फसल
Spread the love

कलेक्टर ने की खरीफ फसल तैयारियों की समीक्षा

सतना – कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि जिले के किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों एवं संबंधित विभागों के समन्वय से खरीफ फसलों के साथ कृषि की सहायक गतिविधियां भी अपनाने के लिए प्रेरित करे। कृषि उत्पादन आयुक्त की संभाग स्तरीय संभावित बैठक की तैयारियों के संबंध में कलेक्टर ने गुरूवार को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की। इस मौके पर उप संचालक कृषि आशीष पाण्डेय, सहायक संचालक राम सिंह बागरी, उप संचालक उद्यानिकी अनिल सिंह, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. एपी सिंह, सहायक संचाालक मत्स्य अंजना सिंह भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों की आवश्यकता के अनुसार यूरिया, डीएपी, फास्फेटिक, खाद पैक्स सोसायटी में उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि डीएपी खाद का वितरण केवल पैक्स सोसायटी से ही किया जाये। अन्य खाद डबल लॉक के विक्रय केन्द्रों पर दी जाये। सभी प्रकार की खाद की उपलब्धता और भण्डारण में पैक्स समितियों को प्राथमिकता दी जाये। शेष मात्रा का स्कंध डबल लाक वितरण केन्द्रों पर रखा जायेगा। उप संचालक कृषि ने बताया कि खरीफ सीजन में जिले में 2 लाख 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी की जायेगी। जिसमें 2 लाख 10 हजार हेक्टेयर में धान फसल की बोनी होगी। शासन के निर्देशानुसार धान के रकबे को कम कर तिलहन, दलहन की फसलें अरहर, मंूग, उडद और सोयाबीन का रकबा बढाने किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। गत वर्ष जिले के 393 किसानों ने कोदो-कुटकी की फसल ली थी। इस वर्ष 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कोदो-कुटकी बोनी का लक्ष्य है। जिले में कुल 1 लाख 92 हजार 248 किसान है। जिनमें 1 लाख से अधिक केसीसी सक्रिय रूप से वैध है। जिले के 16 क्लस्टरों में 2 हजार किसान प्राकृतिक खेती कर रहे है। संभागीय यंत्री कृषि अभियांत्रिकी विष्णु सनोढिया ने बताया कि नरवाई नियंत्रण के लिए जिले में 176 सुपर सीडर और हैप्पी सीडर उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 150 सुपर सीडर, 10 हैप्पी सीडर, 10 स्मार्ट सीडर, 20 बेलर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिले के किसानों को डीएसआर पद्धति से धान की बोनी की सलाह दी जा रही है। बैठक में कलेक्टर ने उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता की गतिविधियां, योजनाओं की प्रगति और किये जा रहे नवाचारों की समीक्षा की।

भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *