20 वर्षों बाद हटाया गया अतिक्रमण, बालकिशन वाटिका के पुनर्जीवन की जगी उम्मीद
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सतना – शहर की ऐतिहासिक बालकिशन वाटिका को पुनः जीवंत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 20 वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को प्रशासन द्वारा हटाया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र के नागरिकों एवं समाजसेवियों में नई आशा का संचार हुआ है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 1980 के दशक में स्वर्गीय शंकर प्रसाद ताम्रकार के मार्गदर्शन में बालकिशन अग्रवाल टिम्बर द्वारा लगभग 5 लाख रुपये की लागत से बालकिशन वाटिका का निर्माण कराया गया था। उस समय वाटिका में बाउंड्रीवॉल, आकर्षक प्रवेश द्वार, बच्चों के झूले, हरियाली एवं विभिन्न प्रकार के वृक्ष लगाए गए थे, जिससे यह क्षेत्र नागरिकों और बच्चों के लिए प्रमुख मनोरंजन स्थल बन गया था।
समय के साथ वाटिका पर धीरे-धीरे अतिक्रमण होता गया और यह सार्वजनिक उद्यान वीरान होता चला गया। वर्ष 2012 में यहां पानी की टंकी निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ, जिसका विरोध करते हुए विजय अग्रवाल ने न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त कर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। बाद में तत्कालीन महापौर ममता पांडे के साथ सहमति बनी कि टंकी निर्माण के पश्चात शेष भूमि को पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा तथा अतिक्रमण हटाया जाएगा, किंतु यह वादा वर्षों तक अधूरा ही रहा।
अब जिला प्रशासन की पहल पर कलेक्टर एवं एसडीएम के मार्गदर्शन में लंबे समय से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। इस कदम का शहर के नागरिकों, समाजसेवियों एवं व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है।
विजय अग्रवाल, लखन अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सुरेश बड़ेरिया, श्यामलाल गुप्ता, श्यामू, पुष्पराज त्रिपाठी, पार्षद पी.के. जैन, शिव साहू सहित अनेक समाजसेवियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बालकिशन वाटिका का पुनः विकास कर इसे आमजन के उपयोग के लिए सुसज्जित पार्क के रूप में विकसित किया जाए, ताकि बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को एक बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हो सके।
प्रशासन के साहसिक निर्णय का किया अभिनंदन
करीब दो दशकों से लंबित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को सफलतापूर्वक संपन्न कराने पर सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर सतीश कुमार एस एवं एसडीएम राहुल सिलाडिया का सार्वजनिक रूप से सम्मान किया। इस अवसर पर उन्हें श्रीफल, शाल, से सम्मान पत्र भेंट कर स्वागत किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं जनहितकारी कार्यों की निरंतर सफलता की कामना की गई।
समाज के विभिन्न वर्गों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन के सहयोग से शीघ्र ही बालकिशन वाटिका अपने पुराने स्वरूप में लौटेगी और शहरवासियों के लिए हरियाली, मनोरंजन एवं सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगी।
अहेश लारिया ब्यूरोचीफ भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
