विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर सैकड़ा साल पुराने पीपल वृक्ष की बलि
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चित्रकूट – विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य हेतु चित्रकूट स्थित पुरानी लंका तिराहा के आगे यूपी एमपी सीमा पर पर लगे एक और पीपल वृक्ष जिसकी उम्र लगभग सौ वर्ष के आसपास रही होगी,काट दिया गया।इसके अलावा भी सड़क निर्माण कार्य हेतु मोहकम गढ़ तिराहा से लेकर पीलीकोठी तिराहा तक न जाने कितने पीपल,बरगद,नीम सहित कितने वृक्षों की आहुति दे दी गई,जो जीवन के लिए अनमोल थे।सोचने वाली बात यह है कि क्या कोई ऐसा तरीका नहीं हो सकता था कि इन वृक्षों को बचाए रखते हुए सड़क निर्माण कर लिया जाता।आगामी शुक्रवार 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा।इस दिन वृक्ष लगाकर फोटो खिंचाने वाले समाज सेवियों की बाढ़ दिखाई देगी। जो प्रतिवर्ष एक रस्म अदायगी जैसी बन गई है।जबकि जरूरत रस्म अदायगी की नहीं बल्कि इस बात की है कि पहले तो हम उन वृक्षों को बचाए जो लगे हुए हैं और बाद में हम सौ वृक्षों की जगह केवल दो चार ही वृक्ष क्यों न लगाएं,लेकिन लगाकर भूल न जाएं।क्योंकि अगर लगाना जिम्मेवारी है,तो उसे पालपोस कर बड़ा करना भी जिम्मेवारी होनी चाहिए। वृक्ष लगाने की रस्म अदायगी और सैकड़ों वर्षों से लगे हुए वृक्षों को काटने का ही परिणाम है कि धरती आग की भट्ठी की मानिंद तप रही है।अगर हम आप सब अब भी नहीं चेते तो हो सकता है कि कल बहुत देर न हो जाए।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
