3 माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहे सीमांकन के प्रकरण
1 min read
15 जून तक लंबित सभी सीमांकन के प्रकरण निराकृत करें-कलेक्टर
सतना – कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने गुरूवार को राजस्व अधिकारियों की बैठक में कहा कि राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें कि कोई भी सीमांकन का प्रकरण 3 माह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहे। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में अपेक्षित गति लाने के साथ ही आरसीएमएस पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन में दर्ज सीमांकन के सभी लंबित प्रकरणों को 15 जून तक निराकृत कर लेने के निर्देश दिये। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, जीतेन्द्र वर्मा, राहुल सिलाडिया, एलआर जांगडे, सुमेश द्विवेदी, सुभाष मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर संदीप परस्ते, तहसीलदार एवं सभी नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयवार आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज और निराकृत प्रकरणों की समीक्षा की। बताया गया कि पोर्टल पर कुल दर्ज प्रकरणों का निराकृत प्रतिशत 52.7 है। कलेक्टर ने इसमें और अधिक प्रयास करने के निर्देश दिये। आरसीएमएस पोर्टल पर सीमांकन के 4483 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें 3202 का निराकरण किया गया। सीमांकन के अभी भी 1281 प्रकरण लंबित पाये गये। कलेक्टर ने सभी लंबित प्रकरणों को 15 जून तक निराकृत कर लेने के निर्देश दिये। लोक सेवा गारंटी के तहत सीमांकन के 262 प्रकरण, नामांतरण के 21, अभिलेख दुरूस्ती के 31 और बंटवारा के 15 प्रकरण आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज पाये गये। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन, आरसीएमएस पोर्टल और लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत सभी दर्ज सीमांकन के प्रकरण 15 जून तक निराकृत करें।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान जिले में 809213 भूस्वामी के विरूद्ध 211987 फार्मर रजिस्ट्री कम्पलीट पाई गई। फार्मर रजिस्ट्री में जिले की औसत प्रगति 26.20 प्रतिशत रही जबकि राज्य की औसत प्रगति 35.36 प्रतिशत है। कोटर तहसील में 36 प्रतिशत और नागौद में 31 प्रतिशत की प्रगति औसत प्रगति के करीब पाई गई है। कलेक्टर ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में रणनीति बनाकर एसडीएम प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि ई-विकास पोर्टल से खाद वितरण कार्य में भी फार्मर रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। खरीफ सीजन की तैयारियों के पहले फार्मर रजिस्ट्री का काम शत-प्रतिशत रूप से पूरा करें।
कलेक्टर ने तहसीलवार फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान पटवारी हल्का में की गई फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा की। रधुराजनगर नगरीय तहसील में सबसे कम 12 प्रतिशत की प्रगति पाई गई। इसी प्रकार रघुराजनगर ग्रामीण के बाबूपुर हल्के में 337 भूस्वामियों में से 4 और मझबोगवां के 84 भूस्वामियों में से मात्र 4 भूस्वामियों की फार्मर रजिस्ट्री किये जाने पर कलेक्टर ने अप्रसन्नता व्यक्त की। इसी प्रकार शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के रघुराजनगर तहसील के पटवारी हल्का करही हरमल्ला, मटेहना, गिदुरी, इटौरा, अमौधा खुर्द में भी न्यून संख्या में फार्मर रजिस्ट्री कम्पलीट पाई गई है। फार्मर रजिस्ट्री में सतना जिले का स्थान बाटम में चौथे स्थान पर है। कलेक्टर ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री कार्य में अपेक्षित प्रगति लाकर जिले को टाप 10 से 20वें स्थान पर लाने का प्रयास करें। राजस्व अधिकारियों की बैठक में स्वामित्व योजना, मानसून की तैयारी, नक्शा विहीन ग्राम, लंबित राहत प्रकरण, न्यायालयों में दर्ज राजस्व संबंधी प्रकरणों की स्थिति पर भी समीक्षा की गई। एसएलआर एलएम पाण्डेय ने बताया कि सतना जिले के 89 ग्राम के नक्शे आनलाइन अपलोड हो गये है। शेष 14 नक्शे अपलोड किये जाने की प्रक्रिया में है।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
