सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के सभी मानदण्डों का करें पालन-कलेक्टर
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मैहर – कलेक्टर मैहर बिदिशा मुखर्जी ने मैहर जिले के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 161 प्रतिशत पहुंचने पर अत्यंत गंभीरता से लेते हुए बुधवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खनिज, राजस्व के अधिकारियों के साथ बृहद औद्योगिक सीमेंट संस्थान, क्रेशर संचालकों एवं चूना भट्टी संचालकों की समीक्षा बैठक लेकर पर्यावरण सुधार और प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में आवश्यक रूप से सभी कार्यवाहियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने औद्योगिक प्रतिष्ठान, क्रेशर और चूना भट्टी संस्थानों को स्पष्ट कहा कि सुरक्षा और प्रदूषण नियत्रंण के संबंध में खदान और संस्थान में जो भी नार्म्स तय किये गये है उनका शत-प्रतिशत रूप से कडाई से पालन करें। अन्यथा की स्थिति में खदान क्लोजर की कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम दिव्या पटेल, एसपी मिश्रा, आरती सिंह, सीईओ जनपद अशोक तिवारी, वेदमणि मिश्रा, भारती दीक्षित भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि वायु प्रदूषण में लगातार हो रही वृद्धि के फलस्वरूप और जिले में उद्योगों से उत्सर्जित धूल-धुआं से प्रदूषण नियंत्रण के जांच के लिए जिला मुख्यालय मैहर के 20 किमी की परिधि में आने वाले खनिज आधारित उद्योग क्रेशर संयंत्र और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की भौतिक जांच करने टास्क फोर्स भी गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी संस्थान 10 दिवस के भीतर प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में समस्त कार्यवाहियां पूरी कर ले। उन्होंने कहा कि खनिजों का अवैध रूप से भंडारण, परिवहन और उत्खनन नहीं होना चाहिए। सभी संस्थान सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के प्रोटोकाल और मानदण्डों का कडाई से पालन सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में खदान क्लोजर की कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने कहा कि जिला मैहर के एयर क्वालिटी इन्डेक्स की समीक्षा में पाया गया कि उद्योगों से उत्सर्जित धूल और धुआं, जनसामान्य के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहे हैं। टास्क फोर्स सभी उद्योगों में डस्ट सप्रेशन सिस्टम, बैग फिल्टर, स्प्रिंकलर, बाउण्ड्रीवाल, ग्रीन बेल्ट, वृक्षारोपण एवं धूल-धुआं नियंत्रण मानकों की वैधानिकता का भौतिक सत्यापन करेगी। कलेक्टर ने कहा कि सडकों पर वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक और खुले स्वरूप में खनिजों का परिवहन नहीं किया जाये। सभी खदान संचालक अपनी स्वीकृत लीज के अनुसार ही क्षेत्र में उत्खनन करेंगे। साथ ही वाहनों की क्षमता से अधिक टीपी जारी नहीं की जाये।
पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि खनिजों के परिवहन में ओवर लोड नहीं किया जाये। अवैध खनिजों का भण्डारण, उत्खनन और परिवहन नहीं होना चाहिए। वाहन की क्षमता से अधिक टीपी जारी नहीं की जाये। इस संबंध में ट्रांसपोटर्स को सचेत किया जाये। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि स्टोन क्रेशर में डस्ट वाले स्थलों को चिन्हित कर वहां वाटर स्प्रिंकलर चलाना आवश्यक है। इसके साथ ही क्रेशर के लेवल तक बाउण्ड्रीवाल तीन स्तरों में सघन वृक्षारोपण होना चाहिए। इसके अलावा क्रेशर एरिया से सडक तक स्प्रिंकलर से पानी का छिडकाव करने के अलावा कनवेयर बेल्ट फुली कवर्ड होना चाहिए। जीरो डस्ट के स्थान पर जूट बैग और हापर के पास भी जल का छिडकाव किया जाना चाहिए। इसके अलावा क्रेशर यूनिट पर सादृश्य स्थान पर आवश्यक जानकारियों का उल्लेख करते हुए डिस्प्ले बोर्ड भी लगाया जाना अनिवार्य है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि मैहर जिले में ए.क्यू.आई. का स्तर नापने के लिए मां शारदा मंदिर की पहाडी पर मीटर लगाया गया है। जिसमें ए.क्यू.आई. स्तर 161 प्रतिशत दर्ज किया गया है। बताया गया कि अभी ए.क्यू.आई. मीटर मैहर मां शारदा पहाडी पर स्थित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि शहर में अन्य स्थानों पर और भी मीटर लगवाये और उनकी दिन में तीन बार की रीडिंग विश्लेषण के लिए उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए धूल-धुआं वाले स्थानों पर कैमरा लगाकर उसका एक्सेस मानीटरिंग के लिए उपलब्ध कराये। कलेक्टर ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून को स्टेडियम से घंटाघर तक जन जागरूकता रैली का आयोजन किया जायेगा। सभी औद्योगिक संस्थान एवं क्रेशर संचालक इसमें सहभागिता करें और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कराकर मैहर जिले के पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान करें।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
