पर्यावरण संरक्षण के लिए मैहर जिले में मानसून सीजन में लगेंगे 7 लाख 74 हजार से अधिक पौधे
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मैहर –पर्यावरण एवं जल संरक्षण को बेहतर बनाने मैहर जिले में इस मानसून सीजन में 7 लाख 74 हजार 650 से अधिक पौधों का रोपण किया जायेगा। कलेक्टर मैहर बिदिशा मुखर्जी ने बुधवार को संपन्न समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में वृक्षारोपण की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं को उनके लक्ष्य आवंटित करते हुए सफलतापूर्वक वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य का 50 प्रतिशत पौधारोपण मेरी लाइफ पोर्टल पर अपलोड किये जाये। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम एसपी मिश्रा, दिव्या पटेल, आरती सिंह, डिप्टी कलेक्टर आशिमा पटेल सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य अनुसार वृक्षारोपण की जिओ टैगिंग की जायेगी और 50 प्रतिशत पोर्टल पर अपलोड किये जायेंगे। सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई के प्रतिवेदन में निराकरण की गुणवत्ता अत्यंत खराब होती है। सभी विभाग इसे सुधारे। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि 1 तारीख से 10 तारीख तक लंबित प्रकरणों को संतुष्टिपूर्वक बंद कराये। संतुष्टिपूर्ण ढंग से बंद होने पर 60 प्रतिशत वेटेज मिलता है। सभी विभाग संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत कम से कम 55 प्रतिशत तक लायें। उन्होंने कहा कि फोर्स क्लोजर के लिए प्रतिवेदन उचित स्वरूप में सकारण प्रस्तुत किये जाये। समीक्षा के दौरान राजस्व विभाग में 690, महिला बाल विकास में 735 और खाद्य विभाग में 1037 प्रकरण सर्वाधिक लंबित पाये गये। मैहर जिले के खाद्य अधिकारी राजीव को टीएल में उपस्थित नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी के सभी प्रकरणों में विभागीय अधिकारी गंभीरता बरते। एक बार डिफाल्टर होने पर नोटिस दी जायेगी और दूसरी बार समयबाह्य प्रकरण होने पर सीधे पेनाल्टी अधिरोपित कर राशि की कटौती संबंधित अधिकारी के वेतन से की जायेगी। कलेक्टर ने सभी विभागों, जनपद के सीईऔ और नगरीय निकाय के सीएमओ को जीर्ण-शीर्ण भवन और कच्ची बाउण्ड्रीवाल के डिसमेंटल की कार्यवाही आवश्यक रूप से करा लेने के निर्देश दिये। संभागीय कमिश्नर रीवा की वीडियो कान्फ्रेसिंग बिन्दुओं की समीक्षा और जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने अभियान में 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले उपयंत्रियों के कार्यो की समीक्षा में कहा कि 7 दिवस में अपेक्षित प्रगति लाये। अगली टीएल बैठक में पुनः समीक्षा की जायेगी। कलेक्टर ने तालाबों की खसरे में इन्ट्री के दौरान उसकी परिसीमा का उल्लेख भी करने के निर्देश दिये।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
