रसूखदार मजिस्ट्रेट की दबंगई से चित्रकूट में लगातार दूसरी रात ब्लैक आउट
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18 घंटे बाद सिर्फ 15 मिनट मिली बिजली, आक्रोशित जनता ने किया सब स्टेशन का घेराव।
चित्रकूट – धर्मनगरी चित्रकूट में पहले 48 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आए भीषण अंधड़ और फिर तीन रसूखदारों की अड़ीबाजी के कारण लगातार दूसरी रात भी पूरी तरह ब्लैक आउट रहा। भीषण गर्मी और दमघोटू उमस के बीच हुए इस पावर कट से चित्रकूट में त्राहि-त्राहि मच गई है। लंबे समय से बिजली गुल होने के कारण शहर में जल संकट भी गहरा गया है, जिससे लोगों के घरों में पीने का पानी खत्म हो गया और इनवर्टर भी बंद हो चुके हैं। इस दोहरे संकट से गुस्साए सैकड़ों लोगों की भीड़ बीती रात्रि रजौला चित्रकूट स्थित विद्युत कंपनी के पावर हाउस पहुंच गई और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामा बढ़ते देख पुलिस बल के साथ नायब तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया ने आर आई को मौके पर पहुंचाया, लेकिन देर रात तक चित्रकूट की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।

विद्युत कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, मझगवां स्थित 33/11 केवी पावर स्टेशन से चित्रकूट के रजौला और प्रमोदवन बस स्टेशन जुड़े हैं। रजौला से 4 और प्रमोदवन से 2 फीडर संचालित होते हैं। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे आए तेज अंधड़ के कारण समूचे चित्रकूट की बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। कर्मचारियों की भारी मशक्कत के बाद शुक्रवार शाम 5:45 बजे आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन इसके ठीक 15 मिनट बाद ही रजौला सब स्टेशन पर तीन रसूखदार पहुंच गए। उन्होंने ऑपरेटर पंकज सेन को डरा-धमकाकर उसका मोबाइल छीन लिया और जबरन पूरे शहर की लाइट बंद करा दी। तीनों आरोपी वहीं कुर्सी डालकर बैठ गए और अड़ गए कि जब तक उनके व्यक्तिगत घर की लाइट नहीं सुधरेगी, तब तक पूरा चित्रकूट अंधेरे में रहेगा, 18 घंटे के लंबे इंतजार के बाद सिर्फ 15 मिनट के लिए बिजली मिलने और फिर से गुल होने पर स्थानीय उपभोक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में नाराज लोग रजौला सब स्टेशन का घेराव करने पहुंच गए। भीड़ का भारी आक्रोश देखकर तीनों रसूखदार मौका पाकर वहां से भाग निकले। इसके बाद गुस्साई भीड़ इस मांग पर अड़ गई कि जब तक पूरे शहर की बिजली बंद कराने वाले दबंगों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज नहीं करती, तब तक पावर सप्लाई शुरू नहीं होने दी जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जूनियर इंजीनियर (जेई) प्रवीण वर्मा और ऑपरेटर पंकज सेन को साथ लेकर सैकड़ों उपभोक्ता चित्रकूट थाने पहुंचे। रजौला सब स्टेशन के ऑपरेटर द्वारा मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद चित्रकूट पुलिस ने घटना को जांच में ले लिया है।विद्युत जे ई प्रवीण कुमार वर्मा और आपरेटर पंकज सेन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार चित्रकूट सिविल न्यायालय में पदस्थ मजिस्ट्रेट और उनके साथ में आए दो सुरक्षा गार्डों द्वारा जबरजस्ती करते हुए पूरे चित्रकूट की विद्युत आपूर्ति बंद करवा दी गई है।


जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
