कीर्ति बैले एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स की एक्टिंग एवं कंटेम्प्रेरी वर्कशॉप का शुभारंभ
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श्रद्धा शालिनी ने बच्चों को पहले दिन की वर्कशॉप में एक्सप्रेशन, बॉडी लैंग्वेज और कंटेम्प्रेरी मूवमेंट्स सिखाए
भोपाल – “अरे, तुमने देखा… जब मैंने गुस्से वाला एक्सप्रेशन दिया तो सब हंसने लगे!” एक बच्चे ने मुस्कुराते हुए अपने दोस्त से कहा। वहीं दूसरा बच्चा मंच पर संवाद बोलने की कोशिश करते हुए अपनी बॉडी लैंग्वेज सुधार रहा था। हॉल में कहीं अभिनय की बारीकियां सीखने की उत्सुकता थी तो कहीं कंटेम्प्रेरी मूवमेंट्स के जरिए खुद को अभिव्यक्त करने का जोश। कुछ ऐसा ही जीवंत और रचनात्मक माहौल देखने को मिला मायाराम सुरजन स्मृति भवन में, जहां कीर्ति बैले एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स की 10 दिवसीय “एक्टिंग एवं कंटेम्प्रेरी वर्कशॉप” का शुक्रवार को उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ।
बच्चों ने एक्टिंग में संवाद, बॉडी लैंग्वेज, आत्मविश्वास की बारीकियां सिखी
शहर की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्था कीर्ति बैले एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा आयोजित इस कार्यशाला के पहले दिन सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं समकालीन नृत्यांगना श्रद्धा शालिनी मालवीय ने प्रतिभागियों को अभिनय की बारीकियों से परिचित कराया। कार्यशाला में बच्चों और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पहले दिन श्रद्धा शालिनी मालवीय ने अभिनय की मूल अवधारणा पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि एक कलाकार मंच पर अपने भाव, संवाद और अभिव्यक्ति को किस प्रकार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रतिभागियों को अभिनय के महत्वपूर्ण तत्वों जैसे संवाद अदायगी, बॉडी लैंग्वेज, आत्मविश्वास, मंचीय अनुशासन और प्रस्तुति कौशल की जानकारी दी। वर्कशॉप के दौरान बच्चों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि विभिन्न एक्टिविटी, एक्सप्रेशन एक्सरसाइज और प्रैक्टिकल अभ्यासों के माध्यम से अभिनय के व्यावहारिक पहलुओं को भी समझाया गया। बच्चों ने अलग-अलग भावों को चेहरे और शारीरिक मुद्राओं के जरिए प्रस्तुत करने का अभ्यास किया, जिससे पूरे हॉल में सीखने के साथ-साथ उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।
25 मई तक 5 से 7 बजे तक चलेगी क्लास
कार्यशाला में कई बच्चों और युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अभिनय एवं कंटेम्प्रेरी डांस की बारीकियों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई। संस्था के अनुसार यह निःशुल्क कार्यशाला 25 मई 2026 तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जाएगी। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं में अभिनय कौशल, शारीरिक अभिव्यक्ति, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास का विकास करना है, ताकि उन्हें रंगमंच और प्रदर्शन कला की विभिन्न विधाओं से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिल सके।
श्रद्धा शालिनी का एक्टिंग से है गहरा नाता
कार्यशाला का संचालन श्रद्धा शालिनी मालवीय द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय से थिएटर आर्ट्स में अभिनय विषय में विशेषज्ञता के साथ स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। वे रंगमंच और भारतीय सिनेमा में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं तथा कई चर्चित नाटकों एवं बैले प्रस्तुतियों में अभिनय कर चुकी हैं। इसके अलावा वे देश के अनेक प्रतिष्ठित निर्देशकों के साथ भी काम कर चुकी हैं।
भारत विमर्श भोपाल मध्य प्रदेश।
