कला शिविर का पर्याय बना ग्रीष्मकालीन कला शिविर
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भोपाल –गांधी भवन न्यास द्वारा संचालित ग्रीष्मकालीन कला शिविर तरुण एवं युवाओं के बीच रचनात्मक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान आयोजित यह शिविर प्रतिभागियों को विविध कलाओं से जोड़ते हुए उनकी अभिरुचि, कौशल एवं रचनात्मकता के विकास का अवसर प्रदान कर रहा है।
आज शिविर की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना, योग एवं प्राणायाम से हुई, जिसका संचालन अभिषेक अज्ञानी ने किया। चरखा अभ्यास के दौरान युवा साथी पराग माण्डले एवं मोहन दीक्षित ने पेटी चरखा, अंबर चरखा एवं गांधी चरखे की जानकारी दी।
पारंपरिक खेलों के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं के बीच भरत ने आपसी मित्रता, संवाद एवं सहभागिता को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए। पुस्तक स्टॉल पर सर्वोदय साहित्य एवं कहानी की पुस्तकों से बच्चों और युवाओं का परिचय कराते हुए पंकज गार्गे ने संवाद स्थापित किया गया।
गोंड आर्ट सत्र में अनिल टेकाम ने प्रतिभागियों को पारंपरिक जनजातीय कला एवं भारतीय संस्कृति की जानकारी देते हुए चित्रांकन का अभ्यास कराया। गोबर कला गतिविधि में सुरेश राठौड़ ने स्मृति चिन्हों का आधार बनाना सिखाया।
क्राफ्ट एवं पेंटिंग गतिविधियों में सुमन राठौर, आयुषी सल्लाम ने बच्चों को रंगों के प्रयोग एवं चित्रों में रंग भरने का प्रशिक्षण दिया। मधुबनी कला सत्र में अरुणा गुप्ता ने चित्रांकन एवं रंग संयोजन की बारीकियाँ सिखाईं।
कहानी आधारित मूकाभिनय में ध्रुव, प्रियंका एवं गीता ने बच्चों को सहज अभिव्यक्ति के लिए प्रेरित किया। नृत्य गतिविधि में भगवती, हर्ष, तृप्ति, प्रियंका एवं भरत ने नए स्टेप्स का अभ्यास कराया, जबकि संगीत सत्र में युवा साथियों ने सामूहिक गीतों का अभ्यास किया। नाटक गतिविधि में गीता ने उच्चारण एवं संवाद-अभिनय का प्रशिक्षण दिया।
शिविर प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 11 बजे तक संचालित हो रहा है, जिसमें अनेक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, किशोरों एवं युवाओं में उत्साह, रचनात्मकता एवं सामूहिकता का विकास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन भगवती एवं गीता ने किया।
शिविर संचालन में मोहन दीक्षित, पराग माण्डले, आयुषी सलाम, पंकज गार्गे, पंकज आवासे, सुमन राठौर, हर्ष माली, भरत, अभिषेक अज्ञानी, अनिल तेकाम, ध्रुव, तृप्ति, हर्षिता, रमेश अहिरवार, संदीप धुर्वे, सुग्रीव, कुम कुम नैना सानिया रिजवान के साथ आसरा वृद्धाश्रम एवं गांधी भवन न्यास के कार्यकर्ताओं का सहयोग उल्लेखनीय रहा।




भारत विमर्श भोपाल मध्य प्रदेश।
