विकास के सूचकांकों में पीछे नहीं रहे जिला-कलेक्टर
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सतना – कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सोमवार को सम्पन्न समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर-कान्फ्रेंस के बिन्दुओं में जिले की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वास्थ्य, जल संसाधन, जिला शिक्षा केन्द्र, राजस्व के प्रकरणों में सतना जिले की स्थिति प्रदेश स्तर पर बाटम 20 के जिलों में नहीं रहनी चाहिए। इस मौके पर सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम राहुल सिलाडिया, सुमेश द्विवेदी, जीतेन्द्र वर्मा, सुभाष मिश्रा सहित विभाग प्रमुख अधिकारी, सीईओ जनपद, सीएमओ नगर पंचायत भी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में सतना-रीवा रेल लाइन दोहरीकरण टोन्सहाइडल प्रोजेक्ट की भूमि वापसी, सतना-पन्ना रेल प्रखण्ड, नर्मदा घाटी विकास, राष्ट्रीय राजमार्ग, जल संसाधन विभाग के समन्वय के मुद्दों पर चर्चा कर प्रगति की समीक्षा की। एसडीएम रामपुर बघेलान आरएन खरे ने बताया कि टोन्सहाइडल की डूब अप्रभावित जमीन वापसी मामले में 31 संबंधित गांवों का डिनोटिफिकेशन हो चुका है। डिनोटिफिकेशन उपरांत 11 गांवों में काश्तकारों को उनकी भूमि वापसी की प्रक्रिया जारी है। कलेक्टर ने नगर पंचायतों में उपलब्ध स्वच्छता के चलित शौचालयों की जानकारी ली। उन्होंने बिरसिंहपुर, जैतवारा, कोठी, कोटर में स्वच्छता अभियान के तहत पूर्व में दिये निर्देशानुसार 5-5 सीट के चलित शौचालयों के प्रस्ताव नहीं भेजने पर सभी सीएमओ को नोटिस जारी करने के साथ ही प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के मद्देनजर 26 फरवरी को जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक होगी। सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में भी शांति समिति की बैठक आयोजित करें। जनगणना कार्य की तैयारियों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के जनगणना चार्ज अधिकारी प्रपत्रों में जानकारी उपलब्ध कराये तथा 15 मार्च तक ब्लाक बनाने की कार्यवाही पूर्ण कर ले। किसान रजिस्ट्री और स्वामित्व योजना की समीक्षा में कलेक्टर ने टाप और बाटम के 5-5 पटवारियों को समक्ष में बुलाकर कार्य शीघ्र पूरा कराये। राजस्व वसूली की समीक्षा में कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदारों से कहा कि संस्था और प्राइवेट क्षेत्र के 20-20 बडे बकायादारों की सूची तैयार कर उन्हें नोटिस जारी करें तथा लक्ष्यानुसार राजस्व वसूली सुनिश्चित करें। समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम के लिए चर्चा की गई और कार्यालय स्तर पर आंतरिक परिवाद समितियों का गठन करने के निर्देश भी दिये गये। इसके अलावा यथा संभव सभी कार्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए पृथक से प्रसाधन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश
