February 11, 2026

ग्रामोदय विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने कार्यभार ग्रहण किया

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ग्रामोदय विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने कार्यभार ग्रहण किया
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चित्रकूट – प्रख्यात शिक्षा विद एवं अकादमिक प्रशासक प्रो आलोक चौबे ने आज महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कुलगुरु के रूप में 4 वर्ष के लिए प्रो आलोक चौबे की नियुक्ति प्रदेश के महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री मंगू भाई पटेल ने 14 नवंबर 2024 को किया था।प्रो चौबे नए कुलगुरु के रूप में आज कार्यभार ग्रहण कर लिया है। प्रो आलोक चौबे के ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिसर आगमन पर ग्रामोदय स्टाफ ने उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया। उनके यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश करते ही ढोल नगाड़ों की ऊर्जावान ध्वनि के साथ ग्रामोदय स्टाफ ने उनके ऊपर पुष्प पंखुड़ियों की बरसात की। मालाएं पहनाई। बुके भेंट किया। ग्रामोदय परिवार द्वारा तैयार आत्मीय स्वागत के वातावरण से नए कुलगुरु प्रो आलोक चौबे काफी प्रभावित हुए और सभी का अभिवादन एवं हार्दिक अभिनंदन स्वीकार किया।
आज ही रेवांचल एक्सप्रेस से सतना रेलवे स्टेशन पहुंचे प्रो आलोक चौबे का स्वागत कुलसचिव प्रो आर सी त्रिपाठी की अगुवाई में ग्रामोदय कर्मचारियों ने किया। तत्पश्चात प्रो आलोक चौबे चित्रकूट पहुंचे और सर्वप्रथम चित्रकूट के आराध्य श्री कामद नाथ जी महाराज का दर्शन पूजन किया। ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वार पर स्वागत अभिनंदन के बाद कैंपस में विराजमान पवनसुत हनुमान जी महाराज के दर्शन उनके मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। इसी क्रम में उन्होंने कला दीर्घा में विराजमान मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। गांधी उद्यान में स्थापित ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शाश्वत प्रेरणाश्रोत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और नाना जी उपवन में ग्रामोदय विश्वविद्यालय के परिकल्पक भारत रत्न राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा में माल्यार्पण कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। तत्पश्चात कुलगुरु प्रो आलोक चौबे ने रजत जयंती भवन स्थित कुलगुरु कक्ष में कार्यभार ग्रहण किया और निवर्तमान कुलगुरु प्रो भरत मिश्रा ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना पृष्ठभूमि, उद्देश्य, कार्यशैली सहित विकास यात्रा वृतांत बताया। इस मौके पर कुलसचिव प्रो आर सी त्रिपाठी , रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के पूर्व कुलपति प्रो कपिल देव मिश्रा सहित प्रशासनिक अधिकारी और उनका निजी स्टाफ मौजूद रहा। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, निदेशक, अनुभाग प्रभारियों और वरिष्ठ शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों ने पुष्प गुच्छ भेज कर स्वागत किया। दीन दयाल शोध संस्थान की ओर से उप महाप्रबंधक अनिल जायसवाल से पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

आज पहले दिन कुलगुरु प्रो आलोक चौबे सीएमसीएलडीपी सभागार में ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों से परिचयात्मक चर्चा की और अपना मार्गदर्शक उद्बोधन दिया। इस अवसर पर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो नरेश चंद्र गौतम, पूर्व कुलगुरु प्रो भरत मिश्रा, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो कपिल देव मिश्रा, प्रो नन्द लाल मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त किए। स्वागत भाषण कुलसचिव प्रो आर सी त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। संचालन हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो ललित कुमार सिंह ने किया। नए कुलगुरु के व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रभावित ग्रामोदय स्टाफ ने विश्वास व्यक्त किया कि कुलगुरु प्रो आलोक चौबे के नेतृत्व में ग्रामोदय विश्वविद्यालय अब दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करेगा।
इस अवसर पर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, निदेशक अनुभाग प्रमुख सहित शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रमुख उपलब्धियाँ

28 महत्वपूर्ण MoUs (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्रीय नवाचार सम्मान: विश्वविद्यालय के नए प्रोग्राम्स पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने वर्ष 2022 में IGNOU को प्रतिष्ठित ‘इनोवेशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।
पेटेंट और रिसर्च: डॉ. चौबे ने व्यक्तिगत नवाचार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्हें 21.02.2022 को उनके दो एसोसिएट्स के साथ इंटीग्रेटेड विंड एंड सोलर टर्बाइन” के लिए सफलतापूर्वक एक पेटेंट प्रदान किया गया है।
शैक्षणिक नेतृत्व में उत्कृष्टता: उन्हें लीडरशिप फॉर एकेडेमिक्स प्रोग्राम (LEAP) 2020 के लिए फेलोशिप से सम्मानित किया गया, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व कौशल को दर्शाता है। NEP 2020 में सक्रिय भूमिका: उन्होंने अक्टूबर 2020 से राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को लागू करने के लिए टास्क फोर्स के एक प्रभावी सदस्य के रूप में काम किया है।

डॉ. चौबे ने अपनी Ph.D. (हीट ट्रांसफर एन्हांसमेंट और CFD) IIT, रुड़की से और M.Tech. (थर्मल इंजीनियरिंग) IIT, दिल्ली से पूरी की। उन्होंने 8 Ph.D. स्कॉलर्स को सफलतापूर्वक सुपरवाइज किया है और हीट ट्रांसफर, CFD, और नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में 40 से अधिक राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन किए हैं।

डॉ. आलोक चौबे का करियर उच्च शिक्षा प्रशासन, नवाचार और परीक्षा सुधारों के प्रति उनके गहरे समर्पण का प्रमाण है। IGNOU में उनकी भूमिका विश्वविद्यालय को भारत की नई शिक्षा नीतियों और वैश्विक शैक्षणिक साझेदारी के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश

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