अनन्त यात्रा पर निकले परमहंस सच्चिदानंद स्वामी, धारकुण्डी आश्रम में दी गई समाधि
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सतना – चित्रकूट की आध्यात्मिक तपोभूमि धारकुण्डी आश्रम के अधिष्ठाता और लाखों अनुयायियों के श्रद्धा केंद्र, अनंत श्री विभूषित परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज को आज आश्रम परिसर में ही पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समाधि दी गई। महाराज श्री के ब्रह्मलीन होने की सूचना मिलते ही समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और उनके अंतिम दर्शनों के लिए उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश समेत देश के विभिन्न कोनों से भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। आश्रम परंपरा के अनुसार, उनके उत्तराधिकारी और शिष्यों की उपस्थिति में समाधि प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान वातावरण “सच्चिदानंद भगवान की जय” के उद्घोष से गुंजायमान रहा। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि उमड़ी हुई भीड़ को नियंत्रित किया जा सके, आध्यात्मिक जगत में उनके योगदान और मानवता की सेवा के संकल्प को याद करते हुए विभिन्न संतों और अनुयायियों ने उन्हें अश्रुपूर्ण विदाई दी।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश


