पर्यटन: कभी आइये न पटना
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पटना: आधुनिक पटना जिसे कभी इसके ऐतिहासिक नाम पाटलिपुत्र तो कभी अजीमाबाद नाम से पुकारा गया. वर्तमान में यह शहर बिहार राज्य की राजधानी है. इतिहासकारों की मानें तो इस शहर को बसाने का श्रेय राजा पत्रक को जाता है. उन्होंने इस का निर्माण अपनी रानी पाटलि के लिए करवाया था. इसलिए इस शहर का नाम रानी पाटलि के नाम पर ही पड़ा. इस शहर का इतिहास करीब 490 ईसा पूर्व का है, जब यहां के शासक अजातशत्रु ने अपनी राजधानी राजगीर से बदलकर यहां स्थापित की.

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अगर आप बिहार के पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व को समझना चाहते हैं, तो पटना जरूर आएं. पटना, बिहार का मुख्य केंद्र बिंदु है, जहां से आप अन्य पर्यटन स्थलों की सैर का आनंद ले सकते हैं. यहां आपको मौर्य-गुप्तकालीन, कई ऐतिहासिक स्थल मिल जाएंगे, जिन्हें आप अपनी यात्रा का मुख्य हिस्सा बना सकते हैं. आप यहां अगम कुआं (सम्राट अशोक के काल का एक कुआं), कुम्हरार को भी देख सकते हैं, जो बिहार के स्वर्णिम दिनों की याद दिलाता है. इसके अलावा आप मध्ययुगीन इमारतें जैसे बेगू हज्जाम की मस्जिद, शेरशाह की मस्जिद, क़िला हाउद व पादरी की हवेली को भी देख सकते हैं. साथ ही आप गोलघर , हनुमान मंदिर, छोटी पटनदेवी, पटना ज़ू और बिहार म्यूज़ियम का भी आनंद उठा सकते है. हाल ही मैं बने सभ्यता द्वार को देखना न भूलें. सभ्यता द्वार जाए तो उसके करीब ही गाँधी संग्रहालय और गंगा घाट का लुत्फ़ उठाये.
