चित्रकूट में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
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डिवाइडरों पर कराया जा रहा पेंट फीका पड़ने लगा, ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल
चित्रकूट – भगवान राम की तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सड़कों पर लगाए गए डिवाइडरों की रंगाई में इस्तेमाल किए जा रहे पेंट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आ रही स्थिति के अनुसार, डिवाइडरों पर एक तरफ पेंट किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ से पेंट फीका पड़ने लगा है।
ऐसे में निर्माण कार्यों में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता और संबंधित कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि पेंट कुछ ही समय में फीका पड़ने लगेगा, तो आम लोगों से लिए जाने वाले टैक्स और सरकारी धन से कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर सवाल खड़े होंगे।
चित्रकूट में विकास कार्यों को बेहतर बनाने के लिए टैक्स से वसूले जाने वाले सरकारी धन से खर्च किया जा रहा है, लेकिन यदि कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता है, तो इसका सीधा असर विकास कार्यों की उपयोगिता पर पड़ेगा। साथ ही, ठेकेदारों की कार्यप्रणाली और संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था की भूमिका भी सवालों के घेरे में आती है।
अब जरूरत है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर डिवाइडरों पर किए गए पेंट कार्य की गुणवत्ता की जांच करें। यदि जांच में मानकों के विपरीत काम पाया जाता है, तो जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि जनता से वसूले जाने वाले टैक्स से भरे सरकारी धन का सदुपयोग हो और धर्मनगरी चित्रकूट में विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हो सकें।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
