सतना में मिशन एड्स सुरक्षा की समीक्षा, जागरूकता अभियान तेज करने पर जोर
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राज्य एड्स नियंत्रण समिति की टीम ने एआरटी सेंटर का किया निरीक्षण, सेवाओं और अभियान की प्रगति की ली जानकारी
सतना – जिले में एचआईवी/एड्स नियंत्रण एवं जागरूकता गतिविधियों की सोमवार को समीक्षा की गई। मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति, भोपाल की अपर परियोजना संचालक डॉ. नलिनी गौड़ एवं डिप्टी डायरेक्टर वैभव पाटिल सतना पहुंचे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला, नोडल अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. सी.एम. तिवारी एवं डीपीएम राकेश कर्ष की उपस्थिति में मिशन एड्स सुरक्षा तथा 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक चल रहे सघन एड्स जागरूकता अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में जिले में संचालित जागरूकता गतिविधियों, लक्षित समूहों तक पहुंच, विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय और अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली गई। राज्य स्तरीय अधिकारियों ने संबंधित टीमों को आपसी समन्वय से कार्य करने, गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
एआरटी सेंटर का निरीक्षण
समीक्षा से पहले राज्य स्तरीय टीम ने एआरटी सेंटर का निरीक्षण किया। यहां डॉ. पीयूष सिंह से केंद्र में संचालित सेवाओं, हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और अन्य गतिविधियों की जानकारी ली गई। टीम ने सेंटर के स्टाफ से भी कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एआरटी, ओएसटी, आईसीटीसी और डीएसआरसी की टीम रही मौजूद
समीक्षा बैठक में एआरटी, ओएसटी, आईसीटीसी एवं डीएसआरसी से डॉ. पीयूष सिंह, ज्ञानेन्द्र गुप्ता, संजय श्रीवास्तव, नीरज सिंह तिवारी, अर्पणा त्रिपाठी, ममता सिंह, कशिश सेन, प्रियंका त्रिपाठी, स्वाति तिवारी, प्रशंसा सिंह एवं राजकुमार दुबे उपस्थित रहे।
वहीं टीआई प्रोजेक्ट से ज्योति पांडे, साधना, प्रदीप मिश्रा, सरिता ठाकुर, जितेंद्र कोरी, विनोद साकेत, अंकुर तिवारी, पूजा सोंधिया एवं धीरेंद्र वर्मा ने सहभागिता की। इसके अलावा जागृति युवा मंच, लेप्रा एवं अन्य एनजीओ के प्रतिनिधि तथा जिला सलाहकार अभिषेक सिंह सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी बैठक में मौजूद रहे।
राज्य स्तरीय अधिकारियों ने सभी संबंधित टीमों को निर्धारित गतिविधियों की नियमित निगरानी करते हुए समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अभियान के दौरान जागरूकता गतिविधियों को लक्षित समूहों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और विभागीय एवं सहयोगी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
