चित्रकूट में कलेक्टर एवं एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
1 min read
चित्रकूट में बाढ़ के बाद युद्धस्तर पर सफाई, राहत और पुनर्वास के कार्य जारी
चित्रकूट – मंदाकिनी नदी के जलस्तर में कमी के बाद जनजीवन को पूरी तरह सामान्य करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राहत, स्वच्छता और जन सुविधाओं के पुनर्बहाली के कार्य लगातार जारी हैं। रविवार को जिला प्रशासन की विभिन्न टीमों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर साफ-सफाई, कीचड़ एवं रेत हटाने तथा स्वच्छता के कार्यो में श्रमदान भी किया। मंदाकिनी नदी का जलस्तर रविवार सुबह आरोग्यधाम के पास प्रातः 6 बजे 135.32 मीटर दर्ज किया गया, जबकि नदी का अधिकतम एचएफएल 139.60 मीटर है। जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। प्रशासन द्वारा लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है।


कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस एवं पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने रविवार को चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने भरत घाट, राघव प्रयाग घाट एवं नयागांव में बाढ़ से हुई नुकसानी का जायजा लिया तथा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत, सफाई एवं पुनर्बहाली के कार्यों का अवलोकन किया। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से बाढ़ के बाद की स्थिति तथा प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने भरत घाट, राघव प्रयाग घाट एवं नयागांव में सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य प्रभावित स्थानों पर चल रहे सफाई कार्यों को देखा तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर और एसपी ने मंदाकिनी नदी के नयागांव, राघव प्रयाग घाट की ओर स्थित घरों में भी बाढ का पानी घुसने से हुए नुकसान का अवलोकन किया तथा स्थानीय निवासियों से रूबरू बातचीत कर नियमानुसार हर संभव सहायता देने की बात कही। राघव प्रयाग घाट के साफ-साफ अभियान के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों को सोमवार से सफाई अमला बढाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नगर निगम की 50-50 सफाई कर्मियों की दो टीमें घाटों में संलग्न की जाये। जिनमें एक टीम भरत घाट की ओर तथा दूसरी टीम राघव प्रयाग घाट की ओर नदी के घाट की सफाई करेंगी। इस दौरान अपर कलेक्टर विकास सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह तथा एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
