भीषण बाढ़ के बाद चित्रकूट में युद्धस्तर पर सफाई अभियान, घरों में अब भी जमा है मलबा
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चित्रकूट – मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद चित्रकूट में जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन द्वारा मुस्तैदी के साथ साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा मिट्टी और मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है।
भरत घाट और आरोग्य धाम क्षेत्र में सड़कों पर जमा मिट्टी को जेसीबी और ट्रैक्टरों के माध्यम से हटाया जा रहा है। इसके बाद पानी से सड़कों की धुलाई कर उन्हें साफ किया जा रहा है। प्रशासनिक अमला बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है।




वहीं, स्थानीय लोग भी अपने घरों में घुसी मिट्टी और मलबे को निकालने में लगे हुए हैं। हालांकि पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण लोगों को घरों की सफाई करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में अभी भी बाढ़ की मिट्टी जमा होने से हालात जस के तस बने हुए हैं।
बाढ़ में आश्रम का पूरा सामान हुआ खराब
भीषण बाढ़ के कारण चित्रकूट के कई घरों और आश्रमों में रखा सामान पूरी तरह खराब हो गया है। आरोग्य धाम स्थित कुंज बिहारी आश्रम भी बाढ़ की चपेट में आने से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
आश्रम के महाराज महामंडलेश्वर कुंज बिहारी शरण ने बताया कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर इतनी तेज गति से बढ़ा कि लोगों को अपनी जान बचाना मुश्किल हो गया था। उन्होंने बताया कि बाढ़ का पानी आश्रम में तेजी से घुसा, जिससे आश्रम का पूरा सामान बह गया और कमरों में रखा सामान भी पानी में डूबने के कारण खराब हो गया।



बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब प्रशासन और स्थानीय लोग राहत एवं सफाई कार्य में जुटे हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों और आश्रमों के सामने घरों की सफाई, पेयजल और खराब हुए सामान को लेकर बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
