चित्रकूट में बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास कार्य तेज, प्रशासन की सतत निगरानी
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कलेक्टर और एसपी ने प्रभावित क्षेत्रों का किया भ्रमण, घर-घर पहुंचकर नुकसानी का लिया जायजा
चित्रकूट- – मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के बाद प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए सतना जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्य लगातार जारी हैं। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सुबह से ही चित्रकूट में भ्रमण कर प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की सतत निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने प्रभावित मोहल्लों और घरों में पहुंचकर बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लिया तथा लोगों से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ-सफाई, दवा छिड़काव, त्रिपाल तथा दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारी लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की मौके पर समीक्षा कर रहे हैं।
बाढ़ के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की चलित स्वास्थ्य टीमों द्वारा प्रभावित मोहल्लों में पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया जा रहा है। अब तक स्वास्थ्य टीमों द्वारा 487 परिवारों के 2753 महिला-पुरुषों की मेडिकल जांच कर दवाइयों का वितरण किया जा चुका है। ग्राम लोसरि सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं तथा घर-घर सर्वे कर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। चित्रकूट की गलियों में संक्रमण एवं मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए नगर परिषद चित्रकूट द्वारा दीनदयाल रसोई में नाश्ता तैयार कर पैकेट के रूप में वितरित कराया जा रहा है। एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर ने स्वयं दीनदयाल रसोई पहुंचकर नाश्ते के पैकेट तैयार कराने की व्यवस्था देखी। प्रभावित क्षेत्रों में भोजन पहुंचाने के लिए भी लगातार कार्य किया जा रहा है। लोधन टिकुरा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भोजन का वितरण कराया गया। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के साथ त्रिपाल और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं वितरित की जा रही हैं। प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। शहर के समाजसेवियों ने भी चित्रकूट पहुंचकर प्रभावित परिवारों को बड़े पैमाने पर कपड़े वितरित किए। विभिन्न सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और नागरिकों द्वारा भी अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग किया जा रहा है। नगर परिषद चित्रकूट में शामिल दूरस्थ ग्राम बटोही के निवासियों के लिए वस्त्र, घरेलू उपयोग की आवश्यक सामग्री एवं भोजन की व्यवस्था की गई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की शुद्धता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 93 हैंडपंपों में जर्मेक्स दवा डाली जा चुकी है। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का कार्य भी निरंतर जारी है। चित्रकूट की मुख्य सड़क की सफाई के बाद अब नगर की गलियों में मशीनों के माध्यम से बाढ़ से जमा मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। मलबा हटाने के बाद गलियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया जा रहा है, ताकि संक्रमण की संभावनाओं को कम किया जा सके। बिरला कॉर्पाेरेशन द्वारा प्रेषित राहत सामग्री को चित्रकूट वन विभाग के कामता स्थित गोदाम में उतरवाकर सुरक्षित रखवाया गया है। आवश्यकता के अनुसार इस सामग्री का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए किया जाएगा।
चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए सतना जिला उद्योग संघ द्वारा भी राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। संघ की ओर से 100 तागड़ी, 25 फावड़े, 100 रेनकोट, 5 कार्टन बिस्किट और 2 कार्टन नमकीन उपलब्ध कराए गए हैं। बाढ़ आपदा में प्रभावित लोगों की मदद के लिए कलेक्ट्रेट सतना के कर्मचारी भी आगे आए हैं। कलेक्ट्रेट के लिपिक वर्ग के कर्मचारियों ने आपसी सहयोग से प्रभावित परिवारों के लिए 500 पैकेट नाश्ता तथा 500 पैकेट घरेलू उपयोग की सामग्री तैयार की है। राहत सामग्री को चित्रकूट के लिए रवाना किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रभावित मोहल्लों में पेयजल व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि बाढ़ के बाद किसी प्रकार की जलजनित बीमारी की स्थिति उत्पन्न न हो। विद्युत विभाग द्वारा चित्रकूट में बाढ़ से प्रभावित विद्युत व्यवस्था को बहाल करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। कुल 19 डीटीआर में से 7 डीटीआर चालू कर दिए गए हैं, जबकि शेष 12 डीटीआर में लगातार बारिश और पुनः बाढ़ की स्थिति के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। बाढ़ के कारण कुल 1275 विद्युत उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिनमें से अब तक 520 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बहाल की जा चुकी है। शेष 755 उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं। तेज बारिश और जलभराव के कारण विद्युत बहाली के कार्य में अपेक्षित गति नहीं आ पा रही है। परिस्थितियां अनुकूल होते ही कार्य को और तेज किया जाएगा।
