August 31, 2026

अतिवृष्टि के बीच सतना जिले में प्रशासन हाई अलर्ट परकलेक्टर चित्रकूट में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की कर रहे निगरानी

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अतिवृष्टि के बीच सतना जिले में प्रशासन हाई अलर्ट परकलेक्टर चित्रकूट में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की कर रहे निगरानी
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मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर, प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, शुद्ध पेयजल
स्वास्थ्य एवं सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता

सतना – जिले में लगातार हो रही वर्षा और अतिवृष्टि को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने पूरे जिले में आपदा प्रबंधन टीम सहित सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता से संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर स्वयं चित्रकूट में रहकर मंदाकिनी नदी के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी
चित्रकूट में आज प्रातः 6 बजे आरोग्य धाम के पास मंदाकिनी नदी का जलस्तर 137.05 मीटर दर्ज किया गया। नदी का अधिकतम बाढ़ स्तर 139.60 मीटर है। सुबह के समय जलस्तर की प्रवृत्ति बढ़ने वाली दर्ज की गई। प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन दल द्वारा नदी के जलस्तर सहित आसपास के प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं बिरसिंहपुर क्षेत्र में स्थिति सामान्य है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने चित्रकूट में पैदल भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रही राहत गतिविधियों की निगरानी की। उन्होंने चित्रकूट के आसपास के प्रभावित ग्रामों में पहुंचकर नागरिकों की परेशानियां जानीं और भोजन, पेयजल तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। कलेक्टर एवं एसडीएम चित्रकूट नगर परिषद के दूरस्थ मोहल्ले लोसरिहा भी पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद सफाई कार्य में तेजी
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी उतरने के बाद सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर जमा सिल्ट एवं कीचड़ को हटाने का कार्य लगातार जारी है। मुख्य सड़क, परिक्रमा पथ तथा प्रमोद वन सहित विभिन्न स्थानों पर सफाई दल तैनात किए गए हैं। शिवहरे धर्मशाला के पास ट्रैक्टर की सहायता से मिट्टी हटाने का कार्य किया गया। चित्रकूट की मुख्य सड़क पर जमा सिल्ट और कीचड़ को हटाया जा रहा है। प्रमोद वन में भी स्वच्छता कार्य निरंतर जारी है। जिला पंचायत के सीईओ शैलेंद्र सिंह ने सफाई व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया और कार्य में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए।

प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की विशेष व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। चित्रकूट नगर परिषद के टैंकरों से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाया जा रहा है। नयागांव बाजार चित्रकूट में भी पानी के टैंकर के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया। प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की जा रही है कि बाढ़ के बाद पेयजल के लिए केवल साफ, स्वच्छ एवं शुद्ध पानी का ही उपयोग करें। प्रभावित क्षेत्रों के हैंडपंपों में क्लोरीनेशन का कार्य किया जा रहा है। विकासखंड सोहावल में हैंडपंपों में जर्मेक्स घोल डालने तथा क्लोरीनेशन की कार्रवाई की जा रही है। चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित लोगों को डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान पेयजल की शुद्धता के लिए क्लोरीन टैबलेट भी वितरित की जा रही हैं। नगर परिषद बिरसिंहपुर में भी नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

भोजन वितरण एवं राहत शिविरों में सहायता जारी
बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए भोजन की व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। जैतवारा के वार्ड क्रमांक 7 के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भोजन पैकेट का वितरण प्रारंभ किया गया है। ग्राम पंचायत अकौना में प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। कोठी राहत शिविर में भी प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रामपुर बघेलान क्षेत्र के इटौर-मैनपुरा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी भोजन व्यवस्था की गई है। मैनकहरी राहत शिविर में दवा वितरण की व्यवस्था भी की जा रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान
चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित लोगों का डोर-टू-डोर सर्वे कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जा रही है। आवश्यकता के अनुसार दवा एवं उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन द्वारा बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पेयजल स्रोतों की स्वच्छता एवं क्लोरीनेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चित्रकूट क्षेत्र में पशुओं को लंपी वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। इसी क्रम में चित्रकूट क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम लोसरिया में टीम मझगवां द्वारा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। साथ ही स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए घर-घर सर्वे भी किया गया।

जल निकासी और बिजली व्यवस्था बहाल करने का कार्य जारी
जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सतना नगर निगम के वार्ड क्रमांक 10, बरदाडीह रेलवे फाटक के पास नाली की सफाई कर खाली प्लॉट से पानी निकासी की जा रही है। ग्राम पंचायत बम्हरौला में जलभराव होने पर सरपंच के सहयोग से पानी की निकासी कराई गई। बिजली आपूर्ति प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत विभाग की टीमें बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। ग्राम भैसवार में जलभराव की समस्या के निराकरण के लिए जेसीबी मशीन से नाला खुदवाकर पानी की निकासी कराई जा रही है। प्रशासन एवं स्थानीय टीमों द्वारा जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
नुकसानी का सर्वे लगातार जारी
अतिवृष्टि एवं बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासनिक अमले द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण किया जा रहा है। जैतवारा के परसदिया ग्राम, कोठी तहसील के इटमा ग्राम सहित अन्य क्षेत्रों में सर्वे कार्य जारी है। ग्राम ऐरा में नायब तहसीलदार द्वारा मकान क्षति का निरीक्षण किया गया। नगर परिषद रामपुर बघेलान क्षेत्र में भी नुकसानी का सर्वे किया जा रहा है। ग्राम पंचायत रंगौली में सोहावल सीईओ के नेतृत्व में पानी निकासी के बाद राहत सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन
प्रशासन द्वारा मकानों एवं परिसंपत्तियों के साथ-साथ अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का भी क्षति आकलन कराया जा रहा है। रामपुर बघेलान विकासखंड के ग्राम जमुना में कृषक मणीराज सिंह की तिल की फसल तथा ग्राम मतहा में कृषक रामसुंदर प्रजापति की मूंग की फसल का सर्वे किया गया। इसी प्रकार सोहावल विकासखंड के ग्राम सोहौला में कृषक रामलाल सिंगराहा की धान की फसल का भी क्षति आकलन किया जा रहा है। कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर फसल क्षति की जानकारी संकलित की जा रही है।

भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।

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