बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी, आवागमन नियंत्रित
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चित्रकूट में अस्थाई आश्रय स्थल संचालित
सतना – जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते प्रमुख नदियों के जल स्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। टमस, मंदाकिनी, मऊ एवं अमरन नदी के जल स्तर की स्थिति पर संबंधित प्रशासनिक एवं नगरीय निकायों की टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार राहत एवं सुरक्षा के इंतजाम भी किए जा रहे हैं। टमस नदी का वर्तमान जल स्तर 287.16 मीटर दर्ज किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी का खतरे का स्तर 289 मीटर निर्धारित है। प्रशासन द्वारा नदी के जल स्तर में होने वाली वृद्धि पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर सतर्क निगाह बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। चित्रकूट क्षेत्र में मां मंदाकिनी नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए नगर परिषद चित्रकूट द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। नदी के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन एवं नगर परिषद की टीमें सक्रिय हैं। रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर परिषद की टीमों को जल निकासी एवं जल जमाव समाप्त करने के लिए तैनात किया गया है। मंदाकिनी नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नगर परिषद चित्रकूट द्वारा प्रमोद वन सामुदायिक भवन में अस्थाई आश्रय स्थल का संचालन किया जा रहा है। यहां जरूरतमंद एवं प्रभावित लोगों के लिए निःशुल्क ठहरने, नाश्ता एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। आश्रय स्थल की क्षमता 70 व्यक्तियों की है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को यहां सुरक्षित रूप से ठहराया जा सकता है।
इसी प्रकार बिरसिंहपुर-सेमरिया मार्ग में मऊ नदी के उफान पर होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया गया है। तहसीलदार बिरसिंहपुर डॉ. शैलेन्द्र शर्मा ने प्रशासनिक अमले को क्षेत्र में मुस्तैद रहने तथा नदी एवं मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि जलभराव अथवा नदी के तेज बहाव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से आवागमन न करें। नागौद नगर परिषद क्षेत्र में भी अमरन नदी के जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नगर परिषद के सीएमओ एवं उनकी टीम मौके पर स्थिति का जायजा लेते हुए जल स्तर में होने वाले बदलावों की निगरानी कर रही है। संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई के लिए टीमों को सक्रिय रखा गया है। प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे नदी, नाले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, बच्चों को ऐसे स्थानों पर न जाने दें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित प्रशासनिक अमले को सूचना दें।

जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश
