आधी रात छात्रावास में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचीं छात्राएं
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राजौला के बालिका छात्रावास में हड़कंप, छात्राओं का सामान जलकर खाक
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चित्रकूट – चित्रकूट के राजौला स्थित सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास में आधी रात अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि समय रहते छात्राएं कमरे से बाहर निकल आईं और बड़ा हादसा टल गया।
4 और 5 अगस्त की दरमियानी रात करीब 1 बजे छात्रावास के एक कमरे में अचानक आग भड़क उठी। कमरे में सो रही छात्राओं को जैसे ही आग की तपिश महसूस हुई, उन्होंने बाहर निकलकर मदद के लिए शोर मचाया।

आवाज सुनकर छात्रावास में मौजूद चौकीदार और सहायक वार्डन रंजना पटेल बाहर पहुंचे। सहायक वार्डन ने तत्काल 112 पर सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल वाहन बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
नुकसान:
आग में छात्राओं के कपड़े, नकदी, कॉपी-किताबें, बेड और रोजमर्रा का जरूरी सामान जलकर नष्ट हो गया। राहत की बात यह रही कि किसी छात्रा के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सुरक्षा पर सवाल:
लेकिन इस घटना ने छात्रावास की रात की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्राओं के मुताबिक अधीक्षिका सुबह-शाम छात्रावास आती हैं और रात में अपने घर चली जाती हैं।
तो सवाल ये है—
रात में छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके भरोसे है?
अगर आधी रात कोई बड़ी आपात स्थिति पैदा हो जाए तो छात्राओं की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा?
अभिभावकों को सूचना:
दूसरा बड़ा सवाल अभिभावकों को सूचना देने को लेकर है। आरोप है कि घटना के कई दिन बाद भी अधिकांश छात्राओं के परिजनों को हादसे की जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी गंभीर घटना की सूचना अभिभावकों तक समय पर क्यों नहीं पहुंचाई गई?
फिलहाल घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन आग लगने के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और छात्राओं के नुकसान को लेकर प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या फिर यह मामला भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाता है।
बड़े सवाल
छात्रावास में रात की सुरक्षा व्यवस्था कौन संभाल रहा था?
आग लगने के बाद सुरक्षा मानकों की जांच हुई या नहीं?
अभिभावकों को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई?
छात्राओं के जले सामान के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
घटना की जिम्मेदारी आखिर तय कब होगी?
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
