चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट और दो पहिया वाहन चालक हेलमेट लगाये
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सुप्रीम कोर्ट आन रोड सेफ्टी कमेटी के सभापति श्री सप्रे ने ली बैठक
सतना – सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी के सभापति एवं पूर्व न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सतना में जिला रोड सेफ्टी की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिले में सडक सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, ब्लैक स्पाट की समीक्षा और दुर्घटनाओं में कमी लाकर केजुयल्टी की संख्या को कम करने के उपायों पर चर्चा की गई। न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने जिले में सडक दुर्घटनाओं के 5 वर्ष के आकडे ब्लैक स्पाट के सुधार कार्यो, यातायात नियमों के पालन और जन जागरूकता के कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, जीतेन्द्र वर्मा, राहुल सिलाडिया, सुभाष मिश्रा, सुमेश द्विवेदी, डीएसपी ट्रैफिक संजय खरे, आरटीओ रवि बरेलिया, सडक विभागों, एनएचपीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, एमपीआरडीसी, लोक निर्माण, उपायुक्त नगर निगम सत्यम मिश्रा सहित विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
न्यायाधीश श्री सप्रे ने बताया कि देश भर में सडक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से दुर्घटनाओं में कमी लाने और सडक सुरक्षा को बढावा देने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस रोड सेफ्टी कमेटी का गठन किया गया है। इस समिति को रोड सेफ्टी की दिशा में कार्य करने की जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट द्वारा सौंपी गई है। इस दिशा में कार्य करने के हर संभव प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि जीवन को सुरक्षित करना एवं लोगों की जान बचाना हम सभी का दायित्व है। वर्तमान में वाहनों/गाडियों की संख्या बढ रही है। जिससे सडक दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। वाहन चालक एवं सडक पर चलने वाला प्रत्येक व्यक्ति दोनों सुरक्षा नियमों का पालन करें। जिससे दुर्घटनाओं में कमी आयेगी। दुर्घटनाओं में मृत्यु का मुख्य कारण ओवर स्पीड लांग ड्राइविंग, सील्ट नहीं बांधना तथा हेलमेट नहीं पहनना है। दुर्घटनाओं के मामले में पूरे देश में मध्यप्रदेश दूसरे नम्बर पर तथा सतना जिला सहित 5 जिलों में दुर्घटना में सबसे अधिक मृत्यु हो रही है। सडक दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में प्रत्येक व्यक्ति को जागृत करने के प्रयास किये जाये। दो पहिया वाहन चालक हेलमेट अनिवार्य रूप से पहने और चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाये।
सप्रे ने कलेक्टर से कहा कि जिला मुख्यालय, तहसील, विकासखण्ड एवं ग्राम स्तर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों जो दो पहिया वाहन चलाते है। वे अनिवार्य रूप से हेलमेट पहन कर आये। तभी उन्हें कार्यालय परिसर में प्रवेश दिया जायेगा। सभी एजुकेशन इंस्टीटयूट अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को दो पहिया वाहन चलाने पर हेलमेट पहनना अनिवार्य करें। पेट्रोल पम्प मालिक बिना हेलमेट पहनने वाले वाहन चालकों को पेट्रोल का विक्रय नहीं करें। दो पहिया वाहनो के डीलर वाहन बिक्री के समय ग्राहक को हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाने के लिए प्रेरित करें तथा हेलमेट भी प्रदाय करें। स्कूल, कॉलेजों में रोड सेफ्टी के संबंध में जागरूकता के कार्यक्रम और लोगों में जागृति लाने के लिए रैली निकालकर लोगों को समझाइश दें। आरटीओ को ड्राइविंग लायसेंस और बीमा फिटनेस की जांच करने, अनफिट गाडियों को बंद कराने, रोड पर वाहन नहीं खडे करने के लिए नियमित पेट्रोलिंग करने को कहा गया। श्री सप्रे ने कहा कि सतना जिले में सडक दुर्घटनाओं में कमी लाने सभी प्रयास करें। तीन माह बाद इस संबंध में की गई कार्यवाही एवं प्रगति का आंकलन किया जायेगा। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएसपी ट्रैफिक, एनएच पीडब्ल्यूडी, स्टेट हाइवे, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम आयुक्त ने ब्लैक स्पाट चिन्हित स्थानों, दुर्घटना संभावित क्षेत्र की जानकारी एवं इस संबंध में किये जा रहे सुधारात्मक कार्यों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में सतना जिले में कुल 1440 सडक दुर्घटनायें हुई है। जिनमें से 400 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है तथा 151 व्यक्ति घायल हुए है। वर्ष 2026 में अब तक 789 दुर्घटनाओं में 178 व्यक्तियों की मृत्यु दर्ज की गई और 842 व्यक्ति घायल हुए है।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
