कामांक्षा किड्स फैशन वॉक 2026 का आयोजन, बच्चों में ऑर्गेनिक कपड़ों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
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ऑनलाइन फैशन वॉक में 3 से 15 वर्ष तक के बच्चे ले सकेंगे हिस्सा, विजेताओं को मिलेगा कैश प्राइज और ब्रांड फेस बनने का मौका*l
भोपाल – बदलते मौसम, बढ़ती गर्मी और बच्चों की संवेदनशील त्वचा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन किड्स क्लोथिंग ब्रांड Kamaksha द्वारा “कामांक्षा किड्स फैशन वॉक 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इस ऑनलाइन फैशन वॉक का उद्देश्य बच्चों में फैशन के साथ-साथ ऑर्गेनिक और केमिकल फ्री कपड़ों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
3-15 वर्ष तक बच्चे ले सकेंगे भाग
कामांक्षा की ओनर एवं फैशन एक्सपर्ट अंकिता चंद्रवंशी गुप्ता ने बताया कि आज के समय में तेज गर्मी और बदलते मौसम का असर बच्चों की त्वचा पर तेजी से पड़ता है। ऐसे में ऑर्गेनिक कॉटन क्लोथिंग बच्चों के लिए सुरक्षित और आरामदायक विकल्प बनकर सामने आ रही है। इसी सोच के साथ यह ऑनलाइन फैशन वॉक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में 3 से 15 वर्ष तक के बच्चे भाग ले सकते हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के तहत प्रतिभागियों को समर स्टाइल कपड़ों में 30 से 50 सेकंड की फैशन वॉक रील बनानी होगी। इस रील को इंस्टाग्राम आईडी “kamaksha_official” पर कोलैबोरेशन पोस्ट के रूप में 30 मई से पहले अपलोड करना होगा। इसके साथ रजिस्ट्रेशन शुल्क 499 रुपए जमा करना होगा।
फेस ऑफ द कामांक्षा 2026” बनने की रेस शुरू
सभी प्रतिभागियों की एंट्री आने के बाद एक फाइनल शो रील तैयार की जाएगी, जिसमें सभी बच्चों की क्लिप्स शामिल होंगी। इसके बाद जून माह में विजेताओं की घोषणा की जाएगी। प्रतियोगिता में चयनित टॉप 3 बच्चों को कैश प्राइज के साथ “फेस ऑफ द कामांक्षा 2026” बनने का अवसर मिलेगा। साथ ही सभी प्रतिभागियों को प्रोफेशनल सर्टिफिकेट भी प्रदान किए जाएंगे।
बच्चों को स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जा रहा जागरूक
आयोजकों के अनुसार, इससे पहले कोरोना काल के दौरान “कामांक्षा फैशन वॉक सीजन-1” का सफल आयोजन ऑनलाइन किया गया था, जिसमें देशभर के बच्चों ने भाग लिया था। उस आयोजन को काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। कामांक्षा क्लोथिंग ब्रांड का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों के कपड़े बेचना नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। ब्रांड द्वारा प्योर केमिकल फ्री डाई और ऑर्गेनिक कपड़ों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
भारत विमर्श भोपाल मध्य प्रदेश।
