ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा दुकाने रहीं बंद,मरीज हुए परेशान
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सतना – ऑनलाइन दवा बिक्री और होम डिलीवरी के विरोध में बुधवार को जिलेभर की 1475 दवा दुकानें बंद रहीं। सतना जिला केमिस्ट एसोसिएशन ने देशव्यापी हड़ताल के तहत यह विरोध प्रदर्शन किया। सभी दवा व्यापारी पन्नीलाल चौक पर एकत्रित हुए और रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष दीनदयाल तिवारी ने बताया कि जिले के सभी दवा विक्रेताओं ने इंटरनेट के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की है। यह कदम लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए उठाया गया है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स तथा मध्यप्रदेश राज्य केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर यह आंदोलन किया गया। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि बिना स्पष्ट कानूनी प्रावधानों के ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों द्वारा दवाओं की बिक्री, फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन और बिना चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण से जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो रहा है। एसोसिएशन ने कहा कि अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग) और प्रीडेटरी प्राइसिंग के कारण छोटे लाइसेंसी केमिस्ट और दवा व्यापारियों का अस्तित्व संकट में पड़ता जा रहा है।
संगठन का दावा है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 तथा नियम 1945 में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां वर्षों से दवाओं की बिक्री कर रही हैं। एसोसिएशन ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान जारी जीएसआर 220(ई) अधिसूचना केवल आपातकालीन परिस्थितियों के लिए थी, लेकिन अब सामान्य परिस्थितियों में भी उसका दुरुपयोग कर ऑनलाइन होम डिलीवरी की जा रही है। संगठन ने केंद्र सरकार से जनहित, जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
अहेश लारिया ब्यूरोचीफ भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश
