जल जनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी
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सतना – बदलते मौसम और दूषित जल के बढ़ते खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनमानस के लिए जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने लोगों से अपील की है कि हैजा, टाइफाइड और दस्त जैसी बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए स्वच्छता और खान-पान का विशेष ध्यान रखें। पानी उबालकर पिएं, पीने के पानी को कम से कम 10-15 मिनट तक उबालें। इसके अलावा वॉटर फिल्टर का उपयोग करें या क्लोरीन की गोली (500 मिलीग्राम की एक गोली 20 लीटर पानी में) का उपयोग करें। खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं। हमेशा ताजा बना हुआ और गर्म खाना ही खाएं। भोजन को हमेशा ढककर रखें ताकि मक्खियों से बचाव हो सके। यदि बीमार हों, तो चिकित्सक द्वारा दी गई दवा का पूरा कोर्स करें, बीच में दवा न छोड़ें। नदी, तालाब या खुले कुओं का पानी सीधे पीने से बचें। बाजार में बिकने वाले खुले, पहले से कटे हुए फल या सब्जियों का सेवन न करें। बासी और अशुद्ध खाने से दूर रहें। पीने के पानी के स्रोतों (जैसे हैंडपंप, कुएं) के पास कूड़ा-कचरा न फेंकें और वहां गंदगी न होने दें। किसी भी बीमारी की स्थिति में बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से दवा न लें। यदि किसी व्यक्ति को पेट दर्द, उल्टी, दस्त या तेज बुखार की शिकायत हो, तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। शरीर में पानी की कमी रोकने के लिए ओ.आर.एस. घोल का निरंतर सेवन करते रहें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सावधानी ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।
भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश
