चित्रकूट में लगभग 2800 करोड रूपये लागत के चल रहे विकास कार्य की कलेक्टर की बैठक
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सतना – सतना जिले के चित्रकूट का समग्र विकास राज्य शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता का विषय है। चित्रकूट के समग्र विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यटन के आकर्षण, प्राकृतिक सौन्दर्य को कायम रखते हुए धार्मिक और आध्यात्मिक विकास के लिए केन्द्र और राज्य शासन द्वारा स्वीकृत लगभग 2800 करोड रूपये लागत के विकास परियोजनाओं के कार्य चल रहे हैं। कलेक्टर सतना एवं अध्यक्ष चित्रकूट विकास प्राधिकरण डॉ. सतीश कुमार एस ने शुक्रवार को चित्रकूट नगर पंचायत के सभाकक्ष में संबंधित विभागों एवं कार्यकारी एजेंसी की बैठक लेकर चित्रकूट विकास के कार्यो की समीक्षा की। इस अवसर पर एसडीएम मझगवां महिपाल सिंह गुर्जर, सहायक कलेक्टर एवं सीएमओ नगर परिषद अनिकेत शांडिल्य, तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण बीआर सिंह, तकनीकी अधिकारी स्मार्ट सिटी दीपेन्द्र सिंह, अंशुमान सिंह, एमपीटीसी के अमित तिवारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
चित्रकूट समग्र विकास के चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर एवं अध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि विकास परियोजनाओं के कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरे किये जायें। उन्होंने कहा कि अधिकांश निर्माण और विकास कार्यों की पूर्णता की सीमा मार्च 2026 नियत है। कार्यों में तेजी लाकर इन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने के प्रयास करें। कलेक्टर ने कहा कि विकास कार्यों में चित्रकूट में सामान्य और मेला के अवसर पर आने वाले लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम्य आवागमन को ध्यान में रखकर कार्य किये जाये। स्वदेश दर्शन योजना के कार्यों की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि मंदाकिनी के घाटों में सुरक्षित स्नान और विसर्जन कुण्ड तथा घाट पर नावों के सुरक्षित ठहराव के लिए चैनलिंक अथवा फ्लोटिंग जैडटी की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
चित्रकूट के विकास कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि मोहकमगढ तिराहे से पीली कोठी तक का मुख्य मार्ग 44 करोड 62 लाख रूपये लागत से बनाया जा रहा है। जिसके 30 मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है। इसी प्रकार 11 करोड 13 लाख रूपये की लागत से विभिन्न स्थानों पर भूमिगत विद्युतीकरण, 7 करोड 49 लाख रूपये की लागत से अमृत योजना में चित्रकूट के विभिन्न वार्डो में 60 किमी पाइपलाइन बिछाने, मंदाकिनी पैसुनी नदी के पुर्नजीवन के लिए 1.83 करोड लागत से झूरी नाला माइक्रोवाटर शेड के कार्य किये जा रहे हैं। इन सभी कार्यो को मार्च 2026 में पूरे करने का प्रयास किया जा रहा है।
एमपीटीसी द्वारा 38 करोड 84 लाख रूपये लागत से कामदगिरी परिक्रमा पथ का पुर्ननिर्माण किया जा रहा है। जिसके सितम्बर 2026 में पूर्ण करने की संभावना है। स्वदेश दर्शन के तहत मंदाकिनी घाटों पर आध्यात्मिक अनुभव के लिए 27 करोड 21 लाख रूपये लागत के कार्य कराये जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा कैम्पा योजना के तहत 12 करोड 53 लाख रूपये लागत से श्री राम संस्कृति वन विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा वन विभाग द्वारा 1.60 करोड रूपये लागत से जून 2026 तक नगर वन का कार्य पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। चित्रकूट में शेष बचे हुए सीवर लाइन कार्य के लिए विशेष निधि से 32 करोड 8 लाख रूपये लागत के कार्य एमपीयूडीसी द्वारा किये जा रहे हैं। जिसे फरवरी 2026 तक पूर्ण करना प्रस्तावित है। चित्रकूट-सतना तक फोरलेन सडक कार्य 2500 करोड रूपये का स्वीकृत है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.आई.) द्वारा शुरू किया गया यह कार्य डीपीआर स्टेज पर है। इसी तरह गुप्त गोदावरी से गुप्त गोदावरी चौराहा तक 14 किमी फोरलेन सडक के लिए लोक निर्माण विभाग को 81 करोड रूपये की स्वीकृति मिली है। जिसकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। चित्रकूट के मां मंदाकिनी नदी के घाटों का क्षरण रोकने और घाट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा 24 करोड 62 लाख रूपये का कार्य दिसम्बर 25 में पूर्ण कर लिया जायेगा।

सतना कलेक्टर एवं अध्यक्ष चित्रकूट विकास प्राधिकरण डॉ. सतीश कुमार एस ने शुक्रवार को चित्रकूट के भ्रमण के दौरान नगर परिषद के सभागार में चित्रकूट के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यो का स्थल भ्रमण किया और कार्य में तेजी लाये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
कलेक्टर ने चित्रकूट के मंदाकिनी तट के भरत घाट के समीप एमपीटी चौराहे के ब्रिज के नीचे बनाये जा रहे पम्पिंग स्टेशन और प्रसाधन सुविधा के कार्यो का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कामतानाथ परिक्रमा स्थल जाकर वहां किये जा रहे पुर्ननिर्माण कार्यो का भी निरीक्षण किया।
भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश
