February 13, 2026

तहसीलदारों के काम बंद करने से कामकाज ठप

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सतना – तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने 6 अगस्त से काम बंद कर दिया था। तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की कामबंद हड़ताल को लेकर कई कर्मचारी संगठनों का समर्थन तो मिल रहा है पर पब्लिक के बीच में इस मामले को लेकर पृथक पृथक विचार हैं। कोई हड़ताल को सही बता रहा है तो कोई अनुचित बता रहा है। इस हड़ताल को किसी राजनीतिक समर्थन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। वैसे भी अधिकारी-कर्मचारियों के वोट हर राजनीतिक दल को मिलते हैं इसलिए इन पर किसी एक दल का ठप्पा नहीं लग सकता है। इनके आंदोलन का रंग ढंग देखकर ऐसा लग रहा है कि ये केवल नाटक नौटंकी कर रहे हैं और कुछ दिनों बार सरेंडर हो जाएंगे। बीच बीच में यह इनका शक्ति प्रदर्शन है। इनको अपनी मांगों से कोई रुचि भी नहीं लग रही है। काम तो करना है जो होगा वह करना होगा। मांग भी कोई ऐसी नहीं है जिससे शासन को कोई आर्थिक नुकसान हो। शासन के लिए हर्रा लगे न फिटकरी रंग चोखा जैसी बात है।
क्या है विरोध की वजह?
सभी तहसीलदारों ने एक साथ मिलकर शासकीय वाहनों को सरेंडर कर ही चुके हैं। दरअसल, उन्होंने राजस्व के नए सेटअप में न्यायिक और गैरन्यायिक विभाजन को लेकर अपना रोष व्यक्त किया है। तहसीलदारों का कहना है कि सभी भर्तियां तहसीलदार के रूप में की गई थी ना की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के रूप में। पहले एक तहसीलदार रिवेन्यू कोर्ट (राजस्व) के अलावा एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट का काम भी करता था पर अब प्रशासन का कहना है कि इन दोनों को अलग कर दिया जाए, जिससे तहसीलदार के कार्यों को दो भागों में बांट दिया जाएगा। जो रेवेन्यू का काम कर रहा है वह रेवेन्यू ही देखेगा और बाकी लोगों को गैर न्यायिक एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के कार्यों में लगा दिया जाएगा और इस बात का ही विरोध है। धूल खा रहीं फाइलें। आपको बता दें कि तहसीलदारों के कार्यों से हटने से प्रशासनिक कार्यों में भी रुकावट आ रही है, जिससे कलेक्टर और एसडीएम की कार्यशैली प्रभावित होगी। कलेक्ट्रेट में मुख्य काम राजस्व का भी होता है और अन्य कई काम तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के पास से ही पूरे होते हैं। उनके काम से हटने पर सैकड़ों आवेदक परेशान हो रहे हैं। तहसीलदार अभी तक कार्यपालिक मजिस्ट्रेट कहे जाते हैं इसलिए वे अपने पॉवर को कम नहीं करना चाहते हैं। अभी भी तहसील न्यायालय में केवल पेशी ही दी जा रही हैं। प्रशासनिक और न्यायिक तहसीलदारेां का कार्य प्रशासनिक और राजस्व न्यायिक दोनों होता है। यहां पर उनके सम्मान को ठेस पहुंचती हुई दिखाई दे रही लगती है। बात करें लोगों की तो कुछ लोग तहसीलदारों के कार्यों से असंतुष्ट हैं ऐसे लोग कह रहे हैं कि उनकी मांग अनुचित है और उनकी मांगों का विरोध करना चाहिए। हड़ताल कर रहे तहसीलदारों के ऊपर कार्यवाही करना चाहिए और कोर्ट को एक्शन लेना चाहिए। जबकि बड़ी संख्या में कर्मचारी अधिकारियों के समर्थन में हैं और जनता के कई लोग भी उनके समर्थन में हैं। जबकि कुछ लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि शासन का समर्थन करें या अधिकारियों का?

भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश

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