चित्रकूट दीपावली मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में कलेक्टर ने अधिकारियों को दिये दिशा-निर्देश
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चित्रकूट – सतना जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं तीर्थस्थल चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली अमावस्या मेले में धनतेरस से देश के विभिन्न राज्यों एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम प्रारंभ हो गया है। मेला अवधि 6 से 10 नवंबर तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन की सुविधा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन एवं आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को चित्रकूट विकास प्राधिकरण कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सतना डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने मेला डयूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त डॉ. नागार्जुन बी. गौडा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती सपना त्रिपाठी, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम मझगवां महिपाल सिंह गुर्जर, सुभाष मिश्रा, संदीप श्रीवास्तव, सुमेश द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर जितेंद्र वर्मा, संदीप परस्ते, सीएमओ अंकित सोनी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने दीपावली मेले के दौरान की जाने वाली व्यवस्थाओं और तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चित्रकूट दीपावली मेला धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है। मेले में मध्यप्रदेश सहित उत्तरप्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षा, सुगम आवागमन एवं जन सुविधायें तथा स्वच्छता के कार्यो पर विशेष रूप से केन्द्रित रहकर कार्य करें। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए यातायात एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रमुख मार्गों, प्रवेश द्वारों, घाटों एवं दर्शन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं प्रशासनिक अमले की तैनाती रहे। उन्होंने मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रमुख घाटों, मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों एवं श्रद्धालुओं के आवागमन वाले मार्गों पर नियमित साफ-सफाई कराई जाए। पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं आपातकालीन सेवाएं निरंतर उपलब्ध रहें। मंदाकिनी नदी के घाटों एवं स्नान स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा के लिए तैनात अमला समुचित संसाधनों के साथ 24 घण्टे तैनात रहे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए आवश्यक स्थानों पर सहायता केंद्र एवं सूचना व्यवस्था भी प्रभावी रखी जाए तथा सभी पीए सिस्टम से लगातार उद्घोषणायें की जाये। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी शिफ्ट डयूटी खत्म होने के बाद रिसीवर के आने के पहले किसी भी हालत में कार्य स्थल नहीं छोडेंगे। उन्होंने बताया कि मंदाकिनी नदी के भरत घाट के नीचे जेडटी बनाया गया है। यहां एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ही रहेगी। शेष किसी अन्य श्रद्धालु को यहां नहीं जाने दिया जायेगा। उन्होंने राघव प्रयाग घाट के बगल में गहरे पानी वाले क्षेत्र को बैरिकेटिंग से सुरक्षित करने के निर्देश भी दिये। कलेक्टर ने कहा कि श्रद्धालुओं के स्नान और दीपदान के लिए फ्लोटिंग एरिया से कुण्ड बनाये गये है। इस कुण्ड से आगे जाने की इजाजत किसी को नहीं होगी। कलेक्टर ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला अवधि के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों की टीमें तत्पर रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहें। कलेक्टर ने कहा कि दीपावली मेले में तैनात सभी अधिकारी-कर्मचारी पूरी तत्परता और समर्पण से जुटे और प्रयास करें कि बेहतर से बेहतर व्यवस्थायें बन सके।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
