राघव प्रयाग घाट पर अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव का अंतिम दिन, कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति
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चित्रकूट – धर्मनगरी चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पर मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं रामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव के अंतिम दिन कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
उत्सव के अंतिम दिन उज्जैन की विशाल सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के कलाकारों ने सीता स्वयंवर, श्रीराम के अयोध्या आगमन पर स्वागत, सीता हरण, लंका में सीता, श्रीराम-रावण युद्ध, रावण वध, विभीषण के राज्याभिषेक और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक सहित रामायण के कई प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया। कलाकारों के अभिनय और शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रामायण की गौरवशाली परंपरा से रूबरू कराया।
चित्रकूट में मिली मन को शांति : विजेंद्र वर्मा
विशाल सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति, उज्जैन के रामलीला सचिव विजेंद्र वर्मा ने बताया कि उनकी समिति मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विधायक रहने के समय से उनके सानिध्य में लगभग 25 वर्षों से प्रदेश के अलग-अलग शहरों में लगातार रामलीला का मंचन करती आ रही है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में मंचन के दौरान जिस तरह की मन की शांति मिली, वह कहीं और अनुभव नहीं हुई। समिति भविष्य में भी चित्रकूट में कार्यक्रम करने का प्रयास करेगी।
उन्होंने बताया कि रामलीला मंचन करने वाली टीम के कई कलाकार पहली बार चित्रकूट आए हैं। इस अवसर पर उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों और सहयोगियों और मीडिया के प्रति आभार व्यक्त किया।
धर्मनगरी चित्रकूट में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव ने श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया। भगवान श्रीराम की तपोभूमि में हुए इस आयोजन से क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा मिली।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
