October 18, 2026

विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति उज्जैन के कलाकारों ने की श्रीराम कथा के विविध प्रसंगों की लीला प्रस्तुति

1 min read
विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति उज्जैन के कलाकारों ने की श्रीराम कथा के विविध प्रसंगों की लीला प्रस्तुति
Spread the love

चित्रकूट – मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग, श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पर अंतर्राष्ट्रीय रामलीला के दूसरे दिन अतिथि संत रामहृदय दास महाराज महंत रामायणी कुटी, नन्हे राजा हेमराज चौबे राजा साहब, यूपी के पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सद्गुरु सेवा संघ की ट्रस्टी डॉ इलेश जैन, मयंक चांदीवाल डीएफओ सतना, सुधांशु यादव डीएफओ शिवपुरी, सामाजिक कार्यकर्ता श्याम सुंदर मिश्रा, अतुल प्रताप सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया।
राघव प्रयाग घाट पर 19 अक्टूबर तक चलने वाले सात दिवसीय आयोजन में भारत सहित विदेशों की रामलीला और पारंपरिक कला शैलियों के जरिए प्रभु श्रीराम के जीवन-चरित्र, आदर्शों और रामकथा की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का मंचन हो रहा है।
मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग से कार्यक्रम का समन्वय डॉ मंजूषा राजस जोहरी निदेशक तुलसी शोध संस्थान, डॉ संजय मिश्रा प्रशासनिक प्रभारी शास. माधव संगीत महाविद्यालय उज्जैन, श्री संजीव मालवीय निदेशक विक्रमादित्य शोध पीठ उज्जैन,बिजेन्द्र वर्मा वरिष्ठ रंगकर्मी एवं सचिव विशाला सांस्कृतिक ग्रुप द्वारा किया जा रहा है।
जा रहा है।
रामलीला के पांचवें दिन विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति उज्जैन के कलाकारों द्वारा बालि वध, सुग्रीव राज्याभिषेक, हनुमान जी का शक्ति स्मरण, लंका में प्रवेश, माता सीता-हनुमान संवाद, लंका दहन को प्रदर्शित किया गया। जिसमें बालि के वध के बाद, भगवान श्री राम के निर्देशानुसार लक्ष्मण जी किष्किंधा जाते हैं। वहां वे वानर राज सुग्रीव का राज्याभिषेक करते हैं और अंगद को युवराज घोषित किया जाता है। यह प्रसंग अधर्म पर धर्म की जीत और मित्रता के कर्तव्य को दर्शाता है, जिसके बाद सीता जी की खोज के लिए वानर सेना का संगठन शुरू होता है।
उसी तरह माता सीता-हनुमान संवाद जिसमें अशोक वाटिका में हनुमान जी वृक्ष की ओट से श्री राम की दी हुई चूड़ामणि (मुद्रिका) नीचे गिराते हैं। माता सीता को विश्वास दिलाने के लिए वे उनके सामने आते हैं और श्री राम का संदेश सुनाते हैं। यह संवाद रामायण के सबसे भावुक प्रसंगों में से एक है। यह माता सीता के विरह को कम करता है और उनमें यह विश्वास जगाता है कि प्रभु श्री राम शीघ्र ही उन्हें लेने आएंगे।

जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।

मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग, श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा चित्रकूट के राघव प्रयाग घाट पर अंतर्राष्ट्रीय रामलीला के दूसरे दिन अतिथि संत रामहृदय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved Powered By Fox Tech Solution | Newsphere by AF themes.