स्मार्ट सिटी की बदहाल व्यवस्था को लेकर निगम का घेराव,कमिश्नर हटाओ, शहर बचाओ के लगाए नारे
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बैरिकेट तोडक़र पहुंचे व्यापारी,पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
सतना – स्मार्ट सिटी की बदहाल व्यवस्था, जर्जर सडक़ों और नगर निगम की कार्यशैली के विरोध में मंगलवार को विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। बड़ी संख्या में व्यापारी और नागरिक प्रदर्शन में शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नगर निगम परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ते हुए नगर निगम के मुख्य द्वार तक पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को मौके पर बुलाकर ज्ञापन लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि आयुक्त ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे, जिससे उनका आक्रोश बढ़ गया। इस दौरान कमिश्नर हटाओ, शहर बचाओ के नारे लगाए गए और कुंभकर्ण के सोने का पोस्टर दिखाकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी व्यापारी धरने पर डटे रहे और अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग करते रहे।
चेंबर अध्यक्ष सतीश सुखेजा ने कहा कि खराब रेस्टोरेशन के कारण शहर की प्रमुख सडक़ें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने हाल ही में सडक़ हादसे में घायल हुए प्रकाश सीरवानी का जिक्र करते हुए कहा कि वे पिछले 11 दिनों से जबलपुर में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि मानसून से पहले नालियों की समुचित सफाई नहीं होने से बारिश का पानी घरों और दुकानों में भर रहा है। उन्होंने नाली निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। इसके साथ ही शहर में मटमैले पानी की आपूर्ति और पानी शुद्धिकरण में मानक से अधिक रसायनों के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया।

चेंबर के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन का पहला चरण है। यदि नगर निगम ने जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र बनाया जाएगा। करीब पांच घंटे चले प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने महापौर योगेश ताम्रकार और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त किया।
अहेश लारिया ब्यूरोचीफ भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
