4000 साल पुरानी ढोकरा कला सीखने का सुनहरा मौका, भोपाल में 25 मई से शुरू होगा निशुल्क प्रशिक्षण
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सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी का अनूठा प्रयास, युवाओं और महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर
भोपाल – पारंपरिक भारतीय हस्तकला को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी, भोपाल द्वारा ढोकरा आर्ट वर्कशॉप के चौथे बैच की शुरुआत 25 मई 2026 से की जा रही है। खास बात यह है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क रहेगा, जिसमें प्रतिभागियों को 4000 साल पुरानी मेटल कास्टिंग कला की बारीकियां सिखाई जाएंगी। संस्था द्वारा आयोजित इस वर्कशॉप में प्रतिभागियों को बेसिक से लेकर एडवांस स्तर तक ढोकरा आर्ट की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी स्वयं अपने हाथों से ढोकरा प्रोडक्ट बनाना सीखेंगे। वर्कशॉप पूरी होने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
शाम 4 से 6 बजे तक चलेगी क्लास, 20 सीटें
संस्था के अनुसार यह प्रशिक्षण केवल कला सीखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रतिभागियों को स्वरोजगार और खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए भी प्रेरित करेगा। खासकर स्टूडेंट्स, गृहिणियों और कला में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए यह एक बेहतरीन अवसर माना जा रहा है। वर्कशॉप का आयोजन यूपिका कान्वेंट स्कूल, 56/1 A, राजहर्ष कॉलोनी, कोलार रोड, भोपाल में किया जाएगा। प्रशिक्षण प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक संचालित होगा। आयोजन स्थल वार्ड नंबर 83 स्थित कटियार मार्केट और गणेश बेकरी के पास है। संस्था ने बताया कि प्रत्येक बैच में केवल 20 सीटें उपलब्ध रहेंगी और प्रवेश “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागियों से जल्द आवेदन करने की अपील की गई है।
भारत विमर्श भोपाल मध्य प्रदेश।
