डॉक्टर बने देवदूत, जटिल ऑपरेशन कर बचाई किशोरी की जान
1 min read
जौनपुर – जिले के बक्सा थाना क्षेत्र से एक बड़ी और भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक डॉक्टर ने समय पर साहसिक निर्णय लेकर 17–18 वर्षीय किशोरी की जान बचा ली। इस घटना के बाद परिजन और ग्रामीण डॉक्टर को भगवान की तरह पूजते नजर आए।
पूरा मामला बक्सा थाना क्षेत्र के खरौना गांव का है। यहाँ रहने वाली खुशबू यादव (17–18 वर्ष) ने मोबाइल गेम को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद आत्मघाती कदम उठा लिया। इस प्रयास में उसकी श्वास नली पूरी तरह और भोजन नली आंशिक रूप से कट गई, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।
घटना के बाद परिजन आनन-फानन में खुशबू को जौनपुर स्थित सिद्धार्थवाजिदपुर के सिद्धार्थ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. लाल बहादुर सिद्धार्थ ने किशोरी की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल इलाज शुरू किया।
चिकित्सकीय दृष्टि से मरीज को हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजनों के लगातार आग्रह और समय की गंभीरता को देखते हुए डॉ. सिद्धार्थ ने जोखिम उठाकर वहीं ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। बिना समय गंवाए किशोरी को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया।
करीब दो घंटे तक चले इस अत्यंत जटिल ऑपरेशन में डॉ. सिद्धार्थ और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक श्वास नली और भोजन नली को जोड़ दिया। ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, लेकिन डॉक्टर की सूझबूझ, अनुभव और निरंतर प्रयासों से खुशबू को नई जिंदगी मिल सकी।
फिलहाल किशोरी की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह चिकित्सकीय निगरानी में है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।
इस चमत्कारी इलाज के बाद परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए डॉ. सिद्धार्थ और अस्पताल स्टाफ को भगवान की तरह पूजते हुए धन्यवाद दिया। वहीं अस्पताल स्टाफ ने भी डॉ. सिद्धार्थ को एक नेकदिल, कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित चिकित्सक बताया।
अमरजीत सिटी रिपोर्टर भारत विमर्श जौनपुर उत्तर प्रदेश
