जौनपुर में करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
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जौनपुर – जनपद जौनपुर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने ऑनलाइन ठगी से जमा की गई रकम से न केवल अपनी शादी की, बल्कि गांव में पक्का मकान बनवाया और चार पहिया वाहन भी खरीदा। अमीर बनने की लालसा ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रियम श्रीवास्तव पुत्र राजकुमार श्रीवास्तव, निवासी ग्राम कबूलपुर, थाना जलालपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 08/26, धारा 406/419/420/467/468/471 भादवि, थाना कोतवाली जौनपुर में मुकदमा दर्ज है। उसे 10 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय जौनपुर भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी प्रियम श्रीवास्तव ने ‘राजरीता’ नाम से एक फर्जी फर्म बनाई थी। वह ए4 साइज पेपर और नोटबुक की सप्लाई का झांसा देकर लोगों से ऑर्डर लेता और ऑनलाइन भुगतान अपने परिवार के सदस्यों के नाम से बनाए गए फर्जी बैंक खातों में मंगवाता था। खास बात यह रही कि इन खातों की जानकारी संबंधित परिजनों को भी नहीं थी।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ‘एक्सपोर्टर इंडिया’ और ‘इंडिया मार्ट’ जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर नए ग्राहकों को फंसाता था। इसके अलावा वह गेमिंग ऐप्स के माध्यम से भी लोगों से पैसे मंगवाता था। पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रियम ने नेपाल और फिलीपींस जैसे देशों में भी ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया।
बैंक खातों की जांच में पता चला है कि वर्ष 2021 से अब तक आरोपी के खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी लेनदेन हुआ है। उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 21 एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी में किया जा रहा था। पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य खातों, सहयोगियों और नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।
यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि जल्द अमीर बनने की चाहत अक्सर अपराध और जेल की राह पर ले जाती है।
अमरजीत सिटी रिपोर्टर भारत विमर्श जौनपुर उत्तर प्रदेश
