July 1, 2022

नेत्र रोगियों की देखभाल को सुलभ बनाने हेतु ENVISION प्रोजेक्ट की शुरुआत

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चित्रकूट – स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, इंडिया और सेवा फाउंडेशन की नई पहल – एनविजन के माध्यम से भारत में दूरस्थ वंचित समुदायों में चालिस लाख नेत्र रोगियों कि आंखों कि देखभाल को सुलभ बनाने के लिए भागीदारी की है। साझेदार अस्पतालों के साथ दोनों संगठन भारत के नौ राज्यों – गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उनतमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में 65 नए दृष्टि केंद्र स्थापित करेंगे।एनविज़न के तहत, उन क्षेत्रों में दृष्टि केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहा नेत्र रोगियों की देखभाल हेतु समुचित सुविधाओं का अभाव है , जिससे देश में सार्वभौमिक नेत्र स्वास्थ्य कवरेज देने की क्षमता का विस्तार होगा। ये नए विजन सेंटर दिसंबर 2024 तक 15 प्रमुख नेत्र देखभाल प्रदाताओं द्वारा स्थापित किए जाएंगे और सामूहिक रूप से 400,000 नेत्र परीक्षण, 67,000 चश्मा और 16,000 नेत्र शल्य चिकित्सा प्रदान करेंगे।
दृष्टि केंद्र स्थानीय, स्थायी प्रतिष्ठान हैं जो महिलाओं और बच्चों सहित वंचित समुदायों को नेत्र देखभाल सेवाओं तक पहुंच प्रदान करते हैं। ये सभी आंखों की देखभाल की 80% जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इन केंद्रों पर कर्मचारियों की भर्ती भी कि जाती है, जिससे रोजगार के अवसर भी प्रदान होते हैं।करुणा भाटिया, हेड – सस्टेनेबिलिटी, इंडिया, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने कहा, “सेवा फाउंडेशन के साथ हमारे सहयोग से हम उन लोगों को महत्वपूर्ण नेत्र देखभाल प्रदान करने का प्रयास करते हैं, जो वंचित वर्ग से सम्बन्ध रखते है और वे इस उपचार का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होंगे।।सेवा फाउंडेशन में भारत और बांग्लादेश के कार्यक्रम प्रबंधक कुलदीप सिंह ने कहा, “यह पहल देश में जमीनी स्तर पर प्राथमिक देखभाल वितरण मॉडल को बनाने और मजबूत करने के लिए सेवा फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। भारत में अनुमानित 270 मिलियन लोग दृष्टि हानि के साथ हैं और उनमें से 80% का प्राथमिक नेत्र देखभाल दृष्टि केंद्रों में इलाज किया जा सकता है।डॉ बी.के. जैन, निदेशक, ट्रस्टी, श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट ने कहा, “प्रोजेक्ट “ENVISION” के तहत उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के वंचित समुदायों के लिए कुछ करना वास्तव में हम सभी के लिए एक महान क्षण है। सेवा फाउंडेशन ने स्थायी कार्यक्रमों के माध्यम से आंखों की देखभाल तक पहुंच बढ़ाने के लिए भारत में अस्पतालों के साथ भागीदारी की है, जिसमें दूरस्थ समुदायों में स्क्रीनिंग, मुफ्त या सस्ती सेवाओं का प्रावधान, प्रशिक्षण और रोजगार सृजन, प्रौद्योगिकी में निवेश और व्यापक नेत्र देखभाल कार्यक्रम शामिल हैं।

जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट म०प्र०

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