170 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती के बावजूद चित्रकूट में गंदगी का अंबार
1 min read
प्रतिदिन 419 रुपये के हिसाब से हो रहा भुगतान, फिर भी पर्यटन स्थल पर डस्टबिन तक नहीं
चित्रकूट – धर्मनगरी चित्रकूट में दीपावली अमावस्या मेले को लेकर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नगर परिषद द्वारा 170 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक सफाई कर्मी को प्रतिदिन 419 रुपये के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। इसके बावजूद चित्रकूट के विभिन्न स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जो नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल पर जगह-जगह कचरा फैला हुआ है, जबकि पूरे पर्यटन क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर एक भी डस्टबिन नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में श्रद्धालु और स्थानीय लोग कचरा कहां डालें, यह भी एक बड़ा सवाल है।
एक ओर दीपावली मेले की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जिले के आला अधिकारी लगातार निरीक्षण और तैयारियों में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सतना कलेक्टर द्वारा भी चित्रकूट की सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई गई है। इसके बावजूद यदि शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं तो यह नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
अब सवाल यह है कि जब 170 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती और प्रतिदिन हजारों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो फिर चित्रकूट को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है? क्या मेले की तैयारियां केवल दिखावे तक सीमित हैं या फिर श्रद्धालुओं को वास्तव में स्वच्छ और सुंदर चित्रकूट देखने को मिलेगा?
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
